बदायूं। अमेरिका-इस्राइल-ईरान युद्ध के चलते गैस की किल्लत बनी हुई है। कॉमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति बंद करने के बाद घरेलू सिलिंडरों की कालाबाजारी बढ़ गई है। 960 रुपये में मिलने वाला सिलिंडर ब्लैक में 2200 से 3 हजार रुपये तक का मिल रहा है। इन सिलिंडरों की बिना कनेक्शन के अवैध तरीके से आपूर्ति की जा रही है। इसको लेकर जिला पूर्ति अधिकारी गैस गोदामों पर छापे मार रहे हैं, बावजूद इसके आरोपी पकड़ में नहीं आ रहे।
दूसरे जनपदों से रह रहे नौकरपेशा लोगों को अब ब्लैक में सिलिंडर खरीदना पड़ रहा है। यहां पर इन लोगों के गैस एजेंसी पर कनेक्शन नहीं है। सामान्य दिनों में इन लोगों को सिलिंडर लेने में दिक्कतें नहीं हो रही थी। लेकिन अब गैस की किल्लत में 2200 से 3000 में सिलिंडर खरीदना पड़ रहा है। जिन उपभोक्ताओं के घर में ज्यादा सदस्य होने के कारण उनकी गैस 25 दिन से पहले खत्म हो रही है, उन्हें भी ब्लैक में सिलिंडर खरीदना पड़ रहा है। ब्लैक में सिलिंडर बेचने वालों का कोई गोदाम नहीं है। यह लोग उज्ज्वला योजना वाले उपभोक्ताओं से संपर्क कर सिलिंडर बुक करवा कर उसे ब्लैक में बेच देते हैं।
एजेंसी पर बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं को दिए सिलिंडर
शहर में एजेंसी होम डिलीवरी की सुविधा शुरू किए जाने के बाद से ज्यादा भीड़ नहीं लग रही। गैस बुकिंग होने के बाद उपभोक्ताओं के घर पर सिलिंडर पहुंचाया जा रहा है। वहीं जिन उपभोक्ताओं को तुरंत सिलिंडर की जरुरत है वह बुकिंग के बाद पर्ची निकलवाने के लिए एजेंसी पर पहुंच रहे हैं। इसके बाद उन्हों गोदाम से सिलिंडर मिल जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में लग रहीं लंबी लाइन, धूप में
घंटों इंतजार के बाद मिल रहा सिलिंडर
बदायूं। शहर में गैस एजेंसियों की लाइनें कम हो गईं हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में गैस एजेंसियों पर लंबी-लंबी लाइनें लगी रहती हैं। लोग भूख-प्यास छोड़कर सिलिंडर पाने के लिए धूप में लाइन में लगे रहते हैं। तब जाकर उन्हें सिलिंडर मिल रहा है। वजीरंगज, मुड़िया, उझानी आदि गैस एजेंसियों पर लंबी लाइनें लग रही हैं। एजेंसियों पर केवाईसी करने वाला एक आदमी होने से उपभोक्ताओं को केवाईसी कराने के लिए लाइनों में लगना पड़ता है। तब उनकी केवाईसी हो पाती है। संवाद
जिले में गैस की कोई कमी नहीं है। गैस सिलिंडर के अवैध भंडारण को लेकर गोदामों पर छापे मारे जा रहे हैं। शहर में स्थिति लगभग सामान्य हो चुकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन की बुकिंग होने के कारण दिक्कत बनी हुई है। - सतीश कुमार मिश्रा, जिला पूर्ति अधिकारी