फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budaun News: छोटी जियारत के पीछे ओवरहैड टैंक का निर्माण रुकवाया, सबमर्सिबल तोड़ा

विज्ञापन
निर्माण स्थल पर बैठे मजदूर। संवाद
विज्ञापन
- 15 फरवरी को एक समुदाय के लोगों ने निर्माण रुकवाने के लिए सौंपा था ज्ञापन
विज्ञापन

- मजदूरों का आरोप- बृहस्पतिवार दोपहर पहुंचे लोगों ने नहीं करने दिया काम
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। शहर में छोटी जियारत के पीछे बन रहे ओवरहैड टैंक के निर्माण का विरोध शुरू हो गया है। बृहस्पतिवार दोपहर कई लोगों ने मौके पर पहुंचकर विरोध करते हुए निर्माण रुकवा दिया। मजदूरों का आरोप है कि उन्होंने धमकी दी कि अगर दोबारा काम शुरू किया तो सारा सामान उठा ले जाएंगे। मजदूरों ने सबमर्सिबल पंप तोड़ने का भी आरोप लगाया है।
कोतवाली क्षेत्र में छोटी जियारत के पीछे ओवरहैड टैंक का निर्माण कराया जा रहा है। करीब डेढ़ माह पहले काम शुरू हुआ था। बताते हैं कि 15 फरवरी को शीराज अल्वी, खालिद खान, नसीम खान, अजहमत और मुशाहिद खान आदि ने डीएम को ज्ञापन सौंपा था। उनका कहना था कि ओवरहैड टैंक वक्फ बोर्ड की जमीन पर बन रहा है। खोदाई के दौरान मानव कंकाल निकले थे, इसके बावजूद काम बंद नहीं कराया गया। ज्ञापन पर जांच चल रही है।
विज्ञापन

इधर, बृहस्पतिवार को करीब 40-50 लोग स्कूटी और बाइकों से मौके पर पहुंचे। उन्होंने मजदूरों को हड़काकर निर्माण कार्य बंद करा दिया। मजदूरों का आरोप है कि उन्होंने धमकी दी कि अगर यहां काम शुरू किया तो वह शुक्रवार को यहां आकर सारा सामान ले जाएंगें। अब यहां किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं होगा। इस दौरान उन्होंने सबमर्सिबल भी तोड़ दिया और धमकी देकर चले गए। ठेकेदार अशोक चौधरी ने बताया कि निर्माण नगर पालिका करा रही है। जल निगम की ओर से एसएम कंपनी को ठेका दिया गया है।

- ओवरहैड टैंक का निर्माण छोटी जियारत की समिति के आदेश पर ही शुरू हुआ था। इसका निर्माण कराने के लिए कमेटी ने ही लिखकर दिया था। जल निगम के पास अपनी जमीन नहीं है। नगर पालिका की जमीन पर टैंक का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें विवाद की स्थिति नहीं होनी चाहिए। - शैलेंद्र, जेई जल निगम
विज्ञापन


- ओवरहैड टैंक का निर्माण कराने को लेकर हमने ज्ञापन दिया था लेकिन आज वहां कौन पहुंचा और तोड़फोड़ की। इसके बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है।- शीराज अल्वी

निर्माण स्थल पर बैठे मजदूर। संवाद

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें