बदायूं। इस बार सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग खराब रही। जिले की ओवरऑल 39 रैंकिंग आई है, जबकि बरेली मंडल के अन्य तीनों जनपदों की रैंकिंग बेहतर रही। नई सड़कों का निर्माण, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना और फैमिली आईडी, ओडीओपी सहित 12 से ज्यादा प्रोजेक्ट में पिछड़ने की वजह से जनपद की रैंकिंग खराब आई है। डीएम ने बी, सी और डी श्रेणी पाने वाले विभागों की प्रगति पर नाराजगी जताई है।
कलक्ट्रेट सभागार में सोमवार को डीएम अवनीश राय की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड की सितंबर की हाल ही में जारी हुई रैंकिंग के बाद विकास कार्यक्रमों और निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक हुई। डीएम ने समीक्षा में पाया कि एनआरएलएम आरएफ, सीआईएफ, जननी सुरक्षा योजना, सेतुओं का निर्माण, नई सड़कों का निर्माण, ओडीओपी वित्त पोषण योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और सीएमआईएस निर्माण कार्य सहित सात कार्यक्रमों को बी श्रेणी, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना और फैमिली आईडी को सी श्रेणी, ओडीओपी टूलकिट योजना और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना को डी श्रेणी प्राप्त हुई है। वहीं 59 कार्यक्रमों को ए श्रेणी मिली है।
बी, सी और डी श्रेणी पाने वाले विभागों की प्रगति पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने कहा कि सीएम डैशबोर्ड शासन की प्राथमिकताओं का आधार है, सभी अधिकारी कमियों को चिह्नित कर तत्काल सुधार कर रैंकिंग में सुधार लाएं। निर्माण कार्यों की समीक्षा में डीएम ने कार्यदायी संस्थाओं को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ गामिनी सिंघला, पीडी डीआरडीए सत्येंद्र सिंह सहित जिला स्तरीय अन्य अधिकारी मौजूद रहे।