बदायूं। कांग्रेस, सपा और बसपा से सावधान रहने की जरूरत है। कांग्रेस का घोषणा पत्र देखिए, इसमें भारत के खिलाफ एजेंडा छुपा है। ये अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ी जाति के हकों में सेंधमारी का काम करने जा रहे हैं। येे बात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिल्सी की चुनावी सभा में कही। वे भाजपा प्रत्याशी दुर्विजय सिंह शाक्य के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस, सपा और बसपा से सावधान रहने का आह्वान करते हुए कहा कि ये अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ी जाति के हकों में सेंधमारी का काम करने जा रहे हैं। कांग्रेस ने यूपीए सरकार के दौरान ये प्रयास किया है, भाजपा ने भारी विरोध किया था। ये लोग सफल नहीं हो पाए। अन्यथा 2004-2006 के दौरान ही ये काम कर देते। कर्नाटक में इन्होंने पिछड़ी जाति को मिलने वाले आरक्षण में से छह प्रतिशत आरक्षण मुसलमानों को दे दिया है।
ये पिछड़ी जाति के हकों पर डकैती नहीं तो क्या है। एक तरफ ये आपके हकों पर डकैती डालकर बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के बनाए संविधान का अपमान करना चाहते हैं तो दूसरी तरफ संपत्ति का सर्वे करके आपकी संपत्ति पर विरासत टैक्स लगाने की भी तैयारी कर रहे हैं। विरासत टैक्स का मतलब आपके बाप-दादाओं ने जो भी संपत्ति कमाई है, उसका सर्वे होगा। अगर दुर्भाग्य से कांग्रेस सत्ता में आ गई तो उसमें से आधी संपत्ति में कांग्रेस व सपा के लोगों का अधिकार हो जाएगा। सपा का तो नारा ही यही था कि जो प्लाट खाली है, वह प्लाट हमारी है। फिर बोले-अरे देखो, हम लोगों ने इनके माफिया और गुंडों को ठीक कर दिया है। अगर ठीक नहीं करते तो ये तबाही मचा देते।
ये रहे मंच पर
केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा, सांसद संघमित्रा मौर्य, एमएलसी बागीश पाठक, विधायक हरीश शाक्य, महेश गुप्ता, पूर्व मंत्री विमल कृष्ण अग्रवाल, अजीत यादव, पूर्व विधायक कुशाग्र सागर, राजेश यादव, जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता, डीके भारद्वाज, ज्ञानदेवी सागर, मुरली मनोहर गुप्ता, विक्रांत यादव, शिशुपाल शाक्य, सुषमा मौर्य, मधुचंद्रा, गगन राठी, सत्यवीर सिंह, उमेश राठौर मौजूद रहे। संचालन आचार्य संजीव रूप ने किया। सीएम जब आंवला से बिल्सी के लिए चले तो विधायक राजीव कुमार सिंह उनके साथ हेलीकॉप्टर में थे।
योगी बोले- एक बार फिर मोदी सरकार की हो रही गूंज
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की तस्वीर और तकदीर को बदलने वाला यह चुनाव है। दो चरणों के चुनाव संपन्न हो गए हैं। एक ही स्वर गूंज रहा है, एक बार फिर मोदी सरकार। यही स्वर बदायूं में भी गूंजेगा, इसमें कोई संदेह नहीं।