पांच हजार आबादी का गांव दुर्गपुर जरीफनगर को सांसद धर्मेंद्र यादव द्वारा गोद लिए जाने के बाद इसे दो माह पहले लोहिया ग्राम में चयनित कर लिया गया। फिर भी यह गांव कई समस्याओं से जूझ रहा है।
किसान कुबेर सिंह ने बताया गांव की इतनी तादात में आबादी के बाद कोई सही सलामत पंचायतघर की व्यवस्था नहीं है। पूर्व में बने पंचायतघर में जनता के लोगों ने कंडे पाथने के साथ घूरे डाल कर गंदगी कर दी है। पूर्व प्रधान जयवीर सिंह ने बताया पंचायत घर के रखरखाव के लिए इसकी बाउंड्री वॉल कराए जाने के साथ पेयजल के लिए हैंडपंप लगना बहुत जरूरी है। इसी के साथ बताया 50 पात्रों को लोहिया आवास बनने के लिए क्षेत्रीय विधायक ओमकार सिंह को एक सूची दी गई है।
किसान प्रेमशंकर ने बताया घरों मे लगे नलों के पानी का स्तर नीचे चले जाने से कुछ नलों ने पानी ही देना बंद कर दिया है, जबकि कुछ नलों से आ रहे दूषित पानी को इस्तेमाल करना पड़ रहा है। इसलिए गांव में हैंडपंप लगना बहुत जरूरी है।
किसान मोहरपाल सिंह ने बताया चरन सिंह के घर से लेकर मोहर सिंह के घर तक पोल तो लगे हैं, मगर बिजली की लाइन नहीं खींची गई हैं। जबकि पुराने तार टूट कर नीचे गिर जाने से बिजली भी नहीं मिल पा रही है।
समस्याओं को दूर करने का प्रयास जारी
ग्राम प्रधान सुमन कुमारी के पति जितेंद्र सिंह ने बताया पंचायत घर में पड़े घूरे एवं उपलों को हटाया जा चुका है। मगर उस स्थान पर फिर से लोगों ने घूरा डालना शुरू कर दिया है। पंचायत घर की बाउंड्री के लिए ब्लाक में लिख कर दिया जा चुका है। धन आते ही इस कार्य को करा दिया जाएगा। जबकि गांव में सांसद निधि की तरफ से लगभग 50 लाख की लागत से 1450 मीटर सीसी सड़क, वहीं विधायक निधि से लाइटें लगवाई जा चुकीं हैं। सभी पात्रों को लोहिया आवास दिया जाएगा।