शाहजहांपुर। दिव्यांग प्रमाण पत्रों में फर्जीवाड़े के मामले में बृहस्पतिवार को पूरे दिन माथापच्ची चलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के प्रशासनिक अधिकारी की ओर से पुलिस अधीक्षक को तहरीर भेजी गई है। दूसरी ओर सीएमओ ने संबंधित कर्मचारियों को नोटिस देकर तीन दिन में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
मिर्जापुर के गांव मझारा बढ़ऊ निवासी संतराम कश्यप की ओर से दिसंबर में दिए गए प्रार्थना पत्र की जांच कराने पर 14 फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाने का खुलासा हुआ था। इसके बाद दिव्यांग प्रमाणपत्र निरस्त कर दिए गए। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह की ओर से सोमवार को सीएमओ डॉ. विवेक मिश्रा को आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए निर्देशित किया गया था।
बृहस्पतिवार सुबह सीएमओ ने कर्मचारी को बुलाकर तहरीर तैयार नहीं करने पर नाराजगी जताई। इसके बाद पूरा दिन माथापच्ची में निकल गया। शाम को विधिक राय लेने के बाद तहरीर में आवश्यक संशोधन कर प्रशासनिक अधिकारी रामकिशोर की ओर से एसपी को तहरीर दी गई। इसमें सात से आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। दूसरी ओर सीएमओ ने संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
विभाग ने रोकी पेंशन, रिकवरी की तैयारी
जिला दिव्यांगजन अधिकारी ने जांच में पाया कि पांच ऐसे लोग हैं, जिन्होंने पेंशन प्राप्त कर ली है। हालांकि, उन्होंने उपकरण या कोई अन्य लाभ नहीं लिया। पेंशन पाने वाले शिव प्रताप, बलवीर, रिंकी, प्यारे, अच्छू मियां की पेंशन को रोक दिया गया है। इन्होंने कितनी बार पेंशन प्राप्त की, इसका भी डाटा तैयार कर रिकवरी की तैयारी शुरू कर दी गई है।
प्रतिपूर्ति मामले में दी गई तहरीर, पटल सहायक कई दिन से गैरहाजिर
चिकित्सा प्रतिपूर्ति के नाम पर लाखों रुपये के घोटाले के मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रशासनिक अधिकारी ने पुलिस कार्यालय में तहरीर दी है। इसमें संबंधित पटल के कर्मचारी को जिम्मेदार माना गया है। दूसरी ओर पटल सहायक पिछले कई दिनों से गैरहाजिर है। इसी मामले में विभाग की जांच अब तक पूरी नहीं हो सकी है। जांच कमेटी ने सात लोगों के बयान दर्ज किए हैं। चार लोगाें के बयान होना शेष रह गया है। सीएमओ ने बताया कि संबंधित मामले में एसपी को तहरीर भेजी जा चुकी हैं। पुरानी फाइलें भी दी गई हैं। मामले में लाभ लेने वाले 12 लोगों ने रुपये जमा कर दिए हैं। एक लाभार्थी के घर में दिक्कत होने के कारण रुपये जमा नहीं किए गए हैं।
फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाने के मामले में तहरीर दी गई है। सात से आठ कर्मचारियों को नोटिस भी दिया गया है कि वे तीन दिन में स्पष्टीकरण दें।
-डॉ.विवेक मिश्रा, सीएमओ
अभी स्वास्थ्य विभाग की ओर से तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर प्राप्त होने पर प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की जाएगी।
-पंकज पंत, सीओ सिटी