कार्यदायी संस्था के अभियंता को काम ओके करने के दिए निर्देश
नव निर्मित कलक्ट्रेट भवन की दीवारों में दरारें और सीलन देखकर जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी का पारा चढ़ गया। उन्होंने कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के अधिशासी अभियंता ओपी सिंह और सहायक अभियंता आरएन पांडेय को हिदायत दी है कि मरम्मत का कार्य बुधवार से शुरू कराकर कलक्ट्रेट भवन को दुरुस्त करें। दोनों अभियंताओं ने अपनी सफाई दी, लेकिन डीएम बोले, इतनी जल्दी नवनिर्मित भवन में दरारें और सीलन नहीं आनी चाहिए।
बतातें चलें कि बरेली मंडल के आयुक्त बुधवार को जिले में आ रहे हैं। वह कहां का मुआयना कर लें, इससे पहले व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की कवायद चल रही है। जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी ने मंगलवार को अपर जिलाधिकारी प्रशासन अशोक कुमार श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजेंद्र प्रसाद यादव सहित कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के अभियंताओं के साथ कलक्ट्रेट भवन में स्थापित कार्यालयों का निरीक्षण किया। दीवारों में जगह-जगह दरारें और प्लास्टर टूटने के साथ ही बारिश के पानी की सीलन के कारण रंगाई पुताई खराब होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिशासी अभियंता तथा एई को हिदायत दी कि गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए शीघ्र ही भवन की मरम्मत कराई जाए अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई को लिखा जाएगा। उन्होंने कई कार्यालयों में रखी अलमारियों को खुलवाकर अभिलेख रखने की व्यवस्था को भी परखा। जिला आबकारी कार्यालय में अधिक गंदगी पाए जाने तथा अव्यवस्थित सामान और अभिलेख रखे होने पर जिलाधिकारी ने उपस्थित आबकारी निरीक्षक आरएस पाठक को फटकार लगाई। निर्देश दिए कि आयुक्त के निरीक्षण से पूर्व कार्यालय की सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद हो जाना चाहिए। जिला आबकारी अधिकारी नदारद पाए गए। जिलाधिकारी ने कलक्ट्रेट भवन में जगह जगह खुले विद्युत तारों की व्यवस्थित कराने के निर्देश देते हुए कहा कि यहां आने वाले लोग पान और गुटका खाकर गंदगी करते हैं इसलिए कूड़ेदान, डस्टबिन रखवाए जाएं। जिलाधिकारी ने खिड़कियों के टूटे शीशे बदलवाने को भी कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए हैं।
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कलक्ट्रेट में बनेगा विशाल रिकार्ड रूम
बदायूं। कलक्ट्रेट परिसर स्थित एडीएम प्रशासन कार्यालय के पीछे पड़ी भूमि पर विशाल अभिलेखागार की स्थापना कराई जाएगी। जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी ने उपलब्ध भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अभियंताओं को निर्देश दिए हैं कि इस भूमि की साफ-सफाई और समतलीकरण कराकर नक्शा और एस्टीमेट तैयार किया जाए। बताते चलें कि जिस स्थान पर अभी रिकार्ड रूम स्थापित है, इसको तोड़कर यहां न्यायालय कक्षों का निर्माण किया जाएगा, इसलिए नए अभिलेखागार भवन का निर्माण कराया जाएगा। मौजूदा रिकार्ड रूम काफी पुराना होने के कारण तथा वर्तमान में उपलब्ध रिकार्ड को दृृष्टिगत रखते हुए छोटा पड़ रहा है। इस अवसर पर नाजिर सदर मुमताज सिद्दीकी और बृृजेश शर्मा मौजूद रहे।