बेसिक शिक्षा विभाग से संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राएं रात ठिठुरते हुए काटने को मजबूर हैं। बा विद्यालयों में अभी तक रजाई और गद्दे नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में विद्यालय की छात्राओं को रात जागकर काटनी पड़ रही है। बीएसए पीसी यादव ने जल्द ही सभी बा विद्यालयों में खिड़की और दरवाजों को ठीक कराने के साथ ही रजाई और गद्दों को पहुचवाने की बात कही है।
जिले में कुछ 18 कस्तूरबा विद्यालय हैं। इनमें कुल 1800 छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। ये सभी छात्राएं बेहद गरीब परिवारों से आकर अपने माता-पिता से दूर रहकर विद्यालय में शिक्षा प्राप्त करती हैं। ऐसे में विभाग की ही इन छात्राओं की सभी सुविधाओं की पूरी जिम्मेदारी होती है, लेकिन मौजूदा हालत को देखते हुए लगता है कि विभाग इन छात्राओं की ओर ध्यान नहीं दे रहा है। बताते चलें कि गतवर्ष सर्दीयों में ही इस्लामनगर क्षेत्र के बा विद्यालय में ठंड लगने के कारण एक छात्रा की मौत हो गई थी। इसके बाद तत्कालीन बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा ने सभी बा विद्यालयों में सर्दी से बचाव के लिए इंतजाम कराने के आदेश दिए थे। आदेश तो हुए लेकिन उनपर अमल नहीं किया गया।
मैंने सभी बा विद्यालयों के खिड़की और दरवाजों को ठीक कराने से लेकर रजाई और गद्दों को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के आदेश दे दिए हैं।
-पीसी यादव, बीएसए