तीन दिन में मांगा जवाब
सीएमएस ने तीन दिन में जवाब तलब किया है। साथ ही पत्र में यह भी लिखा कि समय अवधि में आपका उत्तर प्राप्त नहीं होता है अथवा संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो यह माना जाएगा कि आपके आचरण के लिए कोई उचित कारण नहीं है और आपके विरुद्ध नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
सपा सांसद ने कसा तंज
सपा सांसद आदित्य यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि निरीक्षण के दौरान अस्पताल का ही स्टाफ अपनी समस्याएं लेकर आया तो समस्या का समाधान करने के बजाय सीएमएस ने ‘पत्र का इंजेक्शन’ लगा दिया। मरीजों का दर्द हो या कर्मचारियों की शिकायत, स्वास्थ्य मंदिरों में सबका इलाज कागजी खानापूर्ति से होता है। यही है भाजपा का डबल इंजन हेल्थ मॉडल। जहां अस्पताल की दवा से नहीं, अफसरों की लापरवाही से लोग मरहम ढूंढते हैं। समाजवादी पार्टी कर्मचारियों और जनता की आवाज बुलंद करती रहेगी।