बदायूं के सीएमओ कार्यालय में तैनात लिपिक सुनील सक्सेना को 17 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए विजिलेंस की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। लिपिक ने एएनएम का वेतन जारी करने के लिए घूस मांगे थे। विजिलेंस की टीम गिरफ्तार करके उसे बरेली ले गई। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। अगले दिन उसे जेल भेजा जाएगा।
स्वास्थ्य केंद्र जगत में अंशु एएनएम के पद पर तैनात है। उसे मृतक आश्रित कोटे से नौकरी मिली है। उसका पांच महीने का वेतन रुका हुआ है। वेतन जारी करने के लिए सीएमओ कार्यालय में तैनात लिपिक सुनील सक्सेना ने 17 हजार रुपये उससे मांगे थे। सुनील सक्सेना का मूल पर डार्क रूम सहायक और तैनाती कादरचौक सीएचसी में है।
वर्तमान में वह सीएमओ कार्यालय में संबद्ध है और लिपिक का काम कर रहा है। उसने एएनएम अंशु से वेतन जारी करने के लिए घूस मांगे तो उन्होंने इसकी शिकायत विजिलेंस टीम बरेली से कर दी। शिकायत मिलने पर विजिलेंस ने उसे ट्रैक किया।
फिर रुपये देने के लिए बुधवार को शिकायतकर्ता के घर के सामने डीएम रोड स्थित कमला मेडिकल स्टोर पर बुलाया गया। टीम पहले से ही वहां पहुंच गई। जैसे ही एएनएम ने 17 हजार सुनील सक्सेना को दिए, टीम ने उसको रंगे हाथों पकड़ लिया। उसे पकड़कर सिविल लाइंस थाने में उसकी आमद कराई। उसके बाद उसे बरेली ले गए।