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सीएम साहब, गन्ना का भुगतान भी लटका है

Mon, 06 Apr 2015 07:49 PM IST
badaun
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अन्नदाता की कमर सिर्फ मौसम में नहीं तोड़ी है। गन्ना भुगतान में हीलाहवाली ने भी अन्नदाता की हालत को बदतर कर दिया है। जिले के गन्ना किसानों का आठ चीनी मिलों पर चालू पेराई सत्र में करीब 112 करोड़ रुपया फंस गया है। हाईकोर्ट के दिशा निर्देशों के बाद भी चीनी मिलें किसानों का भुगतान नहीं कर रही हैं। गन्ने का बकाया भुगतान फंसने और गेहूं की फसल को मौसम का पलीता लगने से अब अन्नदाता को कोई रास्ता नहीं सूझ रहा। इसके चलते वे आत्मघाती कदम उठाने में भी गुरेज नहीं कर रहे।
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मिलों पर किसानों का बकाया करोड़ रुपये में
यदु शुगर मिल        41.65
रजपुरा शुगर मिल    37.77
शेखूपुर चीनी मिल    18.47
न्योली शुगर मिल    3.62
करीमगंज शुगर मिल    3.62
फरीदपुर शुगर मिल    3.80
मीरगंज शुगर मिल    1.50
रूपापुर शुगर मिल    1.10

छह किसानों की खत्म हुई जिंदगी
बेमौसम बारिश से रबी की फसलें बर्बाद होने के बाद जिले में तीन किसानों ने फांसी लगाकर जान दे दी। इस दौरान फसल बर्बाद होने के सदमे में तीन किसानों की हार्टअटैक से भी मौत हो गई। छह किसानों की मौत हो चुकी है, लेकिन अब तक किसी के पास इमदाद नहीं पहुंची है। 27 अप्रैल को बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव खेड़ादासपुर में राजेश नाम के किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। दो अप्रैल को दातागंज तहसील क्षेत्र के गांव गढ़ा निवासी सूरजपाल फांसी के फंदे पर झूल गया। पांच अप्रैल को उसहैत के गांव काकोरी में मुनेंद्र गिरी की खुदकुशी कर ली।  23 मार्च को दातागंज के गांव गढ़ा निवासी अफीम कास्तकार पन्नू (65) की हार्टअटैक से मौत हुई। 21 मार्च को बिसौली तहसील के सैदपुर में आशिक अली (62) की हार्टअटैक से मौत हो गई। अब हार्टअटैक से बिसौली के गांव पैगाभीकमपुर के ऋषिपाल (55) का है।
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