सांई मंदिर,इसी मंदिर में हुई थी पुजारी मनोज की गलादबाकर हत्या। संवाद
बदायूं। पुजारी की हत्या किसी दुश्मनी में नहीं की गई है। उनकी हत्या में करीबियों का ही हाथ है। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस की चारों टीमें लगी हुईं हैं। पुलिस कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी कर रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं सीसीटीवी फुटेज में भी तीन बदमाश एक बाइक से जाते हुए दिख रहे है। लेकिन, हेलमेट लगाने व मुंंह ढके होने के चलते उनको पहचाना नहीं जा सका है। वहीं पुजारी के मोबाइल फोन को भी बदमाश उठा ले गए थे। अब पुलिस मोबाइल फोन कॉल डिटेल खंगालने के लिए सर्विलांस व तकनीकी संसाधनों का प्रयोग कर रही है।
सांई मंदिर के पुजारी मनोज शंखधार की हत्या के बाद से लोगों में चर्चा है कि आखिर उनकी हत्या क्यों की गई। मोहल्ले के लोगों की मानें तो उनका व्यवहार बहुत अच्छा था। वह सरल स्वभाव के धनी थे। 10 साल में कभी किसी से मनमुटाव तक नहीं हुआ। मंदिर पर सैैकडों श्रद्धालु पूजा अर्चना करने मंदिर पर आते रहे। सभी से प्रेम से बात करना उनकी आदत में शुमार था। इसके बाद भी उनकी गला दबाकर हत्या की गई जो लोगों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
हत्या की गुत्थी सुलझाने को पुलिस की टीमें हर पहलू पर गहनता से जांच कर रही है। हत्यारोपियों ने बहुत ही शातिराना अंदाज में घटना को अंजाम दिया है। करीबियों पर ही शक है। हेलमेट न लगाए होते तो अब तक पुलिस उनके चेहरे बेनकाब कर देती लेकिन हेलमेट लगे होने से खुलासे में देर हो रही है। जिसने भी घटना को अंजाम दिया वह जल्द ही पुलिस की गिरफ्त होंगे। घटना का सही खुलासा किया जाएगा।
-डॉ.बृजेश कुमार सिंह, एसएसपी