छात्र की मौत के बाद घर के बाहर बैठे लोग, जानकारी लेती थाना पुलिस। संवाद
कुंवरगांव। हरनाथपुर गांव निवासी विक्रम (13) पुत्र निरंजन की झोलाछाप के इलाज से मौत हो गई है। पिता ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं सीएमओ के निर्देश पर एसीएमओ मोहन झा ने बिना पंजीकरण चल रहे अस्पताल को सील किया है।
निरंजन ने बताया कि उनका बेटा विक्रम कक्षा सात का छात्र था। उसको 12 सितंबर को सिर दर्द होने लगा। कुछ ही देर में तेज बुखार आ गया। उसको कुंवरगांव के बिना पंजीकरण के संचालित एक अस्पताल में भर्ती कराया। झोलाछाप ने चार दिन तक इलाज किया तो उसकी हालत बिगड़ गई। मंगलवार को वहां के स्टाफ ने सैफई रेफर कर दिया। परिवार के लोग उसको सैफई ले गए तो वहां भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद परिजन उसको बरेली ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। छात्र की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
परिजन शव लेकर अस्पताल पहुंचे और हंगामा करने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। उधर, झोलाछाप व स्टाफ मौके से भाग गया। सूचना सीएमएओ को दी गई। उनके निर्देश पर एसीएमओ डॉ. मोहन झा टीम के साथ मौके पर पहुंचे और अस्पताल को सील कर दिया।
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कोट,
बिना पंजीकरण अस्पताल संचालित हो रहा था। सूचना मिली कि एक बच्चे की झाेलाछाप के इलाज से मौत हुई तो टीम को भेजकर अस्पताल को सील करवा दिया है। साथ ही एमओआईसी को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। झोलाछाप के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ
छात्र की मौत के बाद घर के बाहर बैठे लोग, जानकारी लेती थाना पुलिस। संवाद
छात्र की मौत के बाद घर के बाहर बैठे लोग, जानकारी लेती थाना पुलिस। संवाद