बदायूं। सदर कोतवाली क्षेत्र के बड़े सरकार दरगाह पर रहने वाले मनोज ने स्थायी लोक अदालत में एक जनवरी को वाद दायर किया। उसने बीमा राशि का क्लेम न देने का आरोप इंश्योरेंस कंपनी के प्रबंधक पर लगाया है। बीमा राशि दस लाख रुपये के अलावा 50 हजार रुपये अधिवक्ता खर्च की मांग की है। अदालत ने प्रबंधक को नोटिस भेजकर दो फरवरी को अपना पक्ष रखने को कहा है।
मनोज ने बताया कि उसने अपनी मां बेबी के नाम से एक प्लॉट लिया था। उसने छह लाख रुपये का होम लोन उसी प्लॉट पर लिया था। बताया गया था कि अगर लोन लेने वाले व्यक्ति की मौत हो जाती है तो उसके लोन का भुगतान इंश्योरेंस कंपनी करेगी। उसकी मां की स्वाभाविक मौत 15 सितंबर 2025 को हो गई। लोन के समय लिए गए बीमा क्लेम को लेकर उसने कंपनी के कार्यालय में जाकर संपर्क किया, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं की गई। न ही दावे का रुपया लोन में समाहित किया।
12 नवंबर को कंपनी को लीगल नोटिस भी भेजा गया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। परेशान होकर उसने स्थायी लोक अदालत के अधिवक्ता के माध्यम से वाद दायर किया। अदालत ने दो फरवरी को इंश्योरेंस कंपनी के प्रबंधक को अपना पक्ष रखने के लिए कोर्ट में तलब किया है।