कछला में पुल के क्षतिग्रस्त पहुंच मार्ग की हो रही मरम्मत। संवाद
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उझानी / कछला (बदायूं)। गंगा नदी पर बने पुल के पहुंच मार्ग (एप्रोच रोड) की मिट्टी बह जाने से हुए काफी चौड़ाई में गहरे गड्ढे की बात सामने आने के बाद बृहस्पतिवार सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अफसर मौके पर पहुंचे। साथ ही जेसीबी लेकर पहुंचे साइट इंजीनियर मयंक चौहान की देखरेख में मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया। पहले दिन हालांकि गड्ढे के आसपास भूमि को समतल करने का काम चला। गड्ढे में पत्थर की टुकड़ी मिश्रित मिट्टी से भरी जाएगी।
बरेली-मथुरा हाईवे पर पुल का पहुंच मार्ग क्षतिग्रस्त होने के बाद जहां गहरा गड्ढा हुआ है, वह पुल से सटा है। पिछले कुछ दिनों से लगातार मिट्टी दरकने से गड्ढे का आकार भी बढ़ता जा रहा था। प्रशासनिक अफसरों के जरिये मामला एनएचएआई के अफसरों के संज्ञान में पहुंचा तो सुबह करीब 10 बजे साइट इंजीनियर मयंक चौहान मौके पर पहुंचे। उन्होंने इंजीनियरों की टीम के साथ मौका मुआयना किया। इसके बाद जेसीबी को गड्ढे के आसपास की भूमि समतल करने के काम में लगा दिया गया। अपराह्न तक काम चलता रहा।
साइट इंजीनियर के मुताबिक- गड्ढा पुल पर बारिश के पानी का निकास प्रभावित होने की वजह से हुआ है। इससे पुल को कोई नुकसान नहीं होगा।
पहुंच मार्ग का गड्ढा भरने में चार-पांच दिन भी लग सकते हैं। शुक्रवार सुबह तक पत्थर की टुकड़ी पहुंचने की उम्मीद है। टुकड़ी को मिट्टी में मिलाकर ही गड्ढा भरा जाएगा। साथ ही उसके ऊपर मोटे पत्थर का इस्तेमाल होगा। बता दें कि फरवरी-19 में बारिश के दौरान इसी स्थान पर एप्रोच रोड की मिट्टी बह गई थी। उस वक्त पीडब्ल्यूडी ने बालू से गड्ढा भर दिया था, जो एक बार फिर से बह गई।
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बारिश के पानी के निकास को फिर से बनेगी नाली
बारिश के दौरान पुल पर पानी का निकास पहुंच मार्ग किनारे बनी छोटी सी नाली से होकर गिरता है। बारिश जब ज्यादा होती है तो नाली में उफान के साथ पानी इधर-उधर, बहने लगता है। चूंकि पहुंच मार्ग की पूर्वी साइड में झुकाव है, सो पश्चिमी ओर निकास प्रभावित हो जाता है। बताते हैं कि पहुंच मार्ग की मरम्मत के बाद नए सिरे से नाली का निर्माण होगा। उसकी गहराई भी पहले के मुकाबले अधिक होगी।