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पालिका ने ‘मॉडल रोड’ बनाई...पर, हालत ज्यादा नहीं बदल पाई

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बदायूं। शहर में इंदिरा चौक से लेकर दिनेश चौक तक पालिका ने सड़क का निर्माण कराकर मॉडल रोड का नाम तो दे दिया, सड़क के दोनों ओर के फुटपाथ भी तोड़ दिए गए, लेकिन अतिक्रमण के हालात वैसे ही रहे। पहले दुकानदार फुटपाथों पर सामान सजा लेते थे तो वहीं अस्थायी दुकानें इन पर लग जाती थी, तो अब भी वही स्थिति सड़क की हो रही है, लेकिन पालिका का ध्यान अतिक्रमण हटाने पर नहीं हैं।
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शहर के इंदिरा चौक से लेकर एसके कॉलेज तिराहे तक की सड़क को स्टेशन रोड भी कहा जाता है। शहर की प्रमुख सड़कों में यह शुमार है। इंटर कॉलेज समेत कई बैंक, शापिंग कॉप्लेक्स, पेट्रोल पंप आदि इसी रोड पर हैं। इस सड़क पर आवाजाही अच्छी संख्या में होती है, लेकिन ये सड़क काफी जर्जर स्थिति में आ गई थी। सड़क पर गड्ढों का आलम ये था कि हिचकोले खाकर वाहन सवार यहां से गुजरते थे। इस सड़क को 85 लाख की लागत से बनाया जाना था, जिसमें पोल शिफ्टिंग का 25 लाख और डिवाइडर का 15 लाख का खर्च भी शामिल है। इस सड़क पर निर्माण शुरू हुआ तो कछुआ गति से चलता रहा। पोल शिफ्टिंग न होने के कारण सड़क निर्माण में काफी बाधा आई, जिससे सड़क निर्माण में काफी समय लग गया।
वैसे तो यह सड़क काफी चौड़ी है, लेकिन पहले सड़क के दोनों ओर फुटपाथ बने थे। इस कारण व्यापारी अपना सामान यहां रखकर अतिक्रमण कर लेते थे, साथ ही अस्थायी ठेले खोमचे वाले भी इसे घेर लेते थे। जब सड़क बनी तो पालिका ने यह सोचकर फुटपाथ नहीं बनाए कि इससे दुकानदार अतिक्रमण नहीं कर सकेंगे, लेकिन सड़क बनने के बाद इसकी वही हालत हो गई है। सड़क किनारे दुकानें सज गई हैं तो कई जगहों पर अस्थायी दुकानें भी लग गई हैं। इससे एक बार फिर सड़क पर जाम लगने की नौबत आने लगी है। भीड़ भाड़ होने के कारण अक्सर इस सड़क पर वाहन फंस जाते हैं।
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शोरूम वाले ने सड़क पर बना दी पार्किंग
- रोड पर स्थित पेट्रोल पंप के सामने रेडिमेड कपड़ों के कुछ शोरूम है। इसी कॉप्लेक्स में कुछ अन्य दुकानें भी हैं, जिनकी पार्किंग रोड पर ही होती है। शोरूम या दुकानों में आने वाले ग्राहक अपनी बाइक सामने सड़क पर लगा देते हैं, जिससे आवागमन बाधित होता है। यदि कोई चौपहिया वाहन चालक यहां आ जाता है तो जाम तो लगना ही लगना है। मंगलवार को भी शोरूम के सामने बाइकें लाइन से खड़ी थीं।
पार्किंग बनाने को खाली कराई थी जमीन
- जिला प्रशासन द्वारा पिछले दिनों एसके इंटर कॉलेज के सामने स्थित पुराने बस स्टैंड की भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया था। इसक बाद यहां प्रशासन ने तारकशी करा दी थी। प्रशासन की योजना थी कि इस जगह पर पार्किंग बनाई जाएगी, लेकिन छह महीने से भी ज्यादा का वक्त गुजर जाने के बाद भी यहां पार्किंग नहीं बनी है। अलबत्ता इसके बाहर टाटा मैजिक चालकों व अन्य डग्गामार वाहन चालकों ने कब्जा जरूर जमा लिया है। खाली पड़ी जमीन के किनारे उन्होंने अपने वाहन लगाने शुरू कर दिए हैं।
सड़क घेरकर बना दी आइसक्रीम के ठेले खड़े करने की जगह
- स्टेशन रोड पर एक मिठाई विक्रेता की दुकान के आगे पार्किंग न होने से वाहनों से आने वाले तो जगह घेर ही लेते हैं, लेकिन इसके अलावा दुकान मालिक ने आइसक्रीम के ठेले खड़े करने की जगह भी रोड पर बना ली है। सड़क घेरकर ठेले खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे आवागमन बाधित होता है।
सड़क पर ही वाहन मिस्त्री ठीक करते हैं वाहन
- रोड का चौड़ा तथा फुटपाथ रहित करने का उद्देश्य इसे अतिक्रमण से मुक्ति दिलाने का था लेकिन अतिक्रमणकारियों के हौसले तथा पालिका की अनदेखी के कारण इस मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है। एसके इंटर कॉलेज के पास कई वाहन मिस्त्रियों की दुकानें हैं, साथ ही कई वाहन डेकोरेटर भी हैं, जिनके पास आने वाले ग्राहकों के वाहनों की मरम्मत या साज सज्जा का काम सड़क घेरकर ही होता है। मंगलवार को भी इन मिस्त्रियों ने आधी सड़क को घेरकर रखा था।
स्टेशन रोड पर पहले भी अतिक्रमणकारियों का कब्जा था और अब भी है। पालिका ने रोड का निर्माण तो करा दिया लेकिन अतिक्रमण की समस्या का स्थायी समाधान भी निकालना चाहिए था। अतिक्रमण के कारण शहर की दशा बिगड़ती जा रही है। - विजय कुमार शर्मा
- शहर में जिधर देखो, उधर अतिक्रमण के कारण जाम लग रहा है। स्टेशन रोड भी उनमें से एक है। फुटपाथ तुड़वाकर प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का इंतजाम तो किया था, लेकिन उसके बाद की स्थिति भी उसे देखनी चाहिए कि कहीं दोबारा से तो वहीं हालात पैदा नहीं हो रहे। - प्रशांत शर्मा
अभी पावर कॉरपोरेशन की तरफ से सड़क पर खंभे लगाने का काम चल रहा है। सभी काम पूरे होने के बाद में इस रोड से अतिक्रमण हटवाया जाएगा, ताकि लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना न करना पड़े। - संजय तिवारी, ईओ नगर पालिका
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