बदायूं। जिला प्रशासन की ओर से जिले भर में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, जिसके मद्देनजर शहर में भी सड़कों और नालों से अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं। शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार और सीओ सिटी विनय कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में जालंधरी सराय में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस दौरान सड़क पर किए गए निर्माण को तोड़ दिया गया। हालांकि तमाम लोगों ने पहले ही अपना अतिक्रमण ध्वस्त कर दिया था जबकि बचे हुए को शनिवार को जेसीबी की मदद से गिरा दिया गया। इस दौरान यहां हड़कंप की स्थिति रही। लोग अपने टूटे हुए आशियानों को देखकर काफी दुखी दिखाई दिए और दिन भर मलबा समेटने में लगे रहे।
जिले में मुख्य सड़कों से लेकर नालों तक की जमीन पर लोगों ने स्थायी से लेकर अस्थायी अतिक्रमण कर लिया है। जिसकी वजह से उन जगहों पर दिनभर जाम जैसी स्थिति बनी रहती है। इसको लेकर डीएम कुमार प्रशांत ने जिले भर से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उसके तहत पिछले दिनों शहर में पहले लावेला चौक पर अभियान चलाया गया और उसे बाद गद्दीचौक पर प्रशासन की जेसीबी चली। शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार और सीओ सिटी विनय कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग की टीम जालंधरी सराय पहुंची और वहां बचे खुचे अतिक्रमण को जेसीबी की मदद से हटा दिया। इस दौरान वहां पर किसी भी प्रकार का कोई विरोध नहीं हुआ। अधिकांश लोगों ने पहले ही अपना कब्जा हटा लिया था, बाकी बचे हुए को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया। इसके बाद लोग अपने घरों के सामने से मलबा हटाने में लग गए।
कलक्ट्रेट तिराहे पर अतिक्रमण हटाने के लिए दिया दो दिन का समय
जालंधरी सराय के बाद में पुलिस और प्रशासनिक टीम अतिक्रमण हटाने के लिए महाराणा प्रताप चौक पर पहुंची। तो यहां पर मौजूद व्यापारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट से अतिक्रमण हटाने के लिए दो दिन का समय मांगा। कहा कि दुकानों के अंदर उनका सामान भरा हुआ है। उनको निकालना है, जिसके बाद में सिटी मजिस्ट्रेट ने दो दिन का समय दिया है। यहां समय पूरा होने के बाद अभियान चलाया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों के आवास लपेटे में आए तो पीछे हटता रहा प्रशासन
पहले कचहरी तिराहे से लेकर लालपुल तक जिला प्रशासन की तरफ से अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जाना था। अभिलेखों के मुताबिक सड़क 18 मीटर सड़क चौड़ी बताई जा रही है लेकिन तब इसमें कुछ जनप्रतिनिधियों के आवास भी जद में आ रहे हैं। इसके बाद लगातार नियम बदलते रहे। प्रशासन भी इस ऊहापोह में रहा कि अतिक्रमण कैसे हटाया जाए। यही वजह थी कि यहां बार-बार निशान बदले गए, बाद में वही हुआ जो लोगों का कहना था। केवल जालंधरी सराय में अतिक्रमण ध्वस्त कर कार्रवाई पूरी कर ली गई और कलक्ट्रेट तिराहे पर हटाने के लिए दो दिन का समय दे दिया गया।
कई परिवारों के पास रह गया केवल एक कमरा
शनिवार को अतिक्रमण हटाने के बाद में कई परिवार ऐसे थे, जिनके पास महज एक से दो कमरे ही रह गए हैं। जबकि उनका परिवार बड़ा है। ऐसे में उनके पास रहने के लिए घर तक नहीं बचा है। इसको लेकर वह लोग काफी चिंतित दिखाई दिए। कई के घर आगे से पूरी तरह ध्वस्त हो गए जिसके कारण उनके पास अब केवल गैलरीनुमा ही जगह बची है। इनमें अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के हैं, जिन्हें न तो प्रशासन की तरफ से कोई राहत मिल पाई और न ही जनप्रतिनिधियों ने उनकी मदद की।
अभिलेखों में जालंधरी सराय पर 18 मीटर चौड़ा रोड था, लेकिन मौके पर छह मीटर के आसपास मिला। तब उसे तोड़ने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन लोगों ने अपनी समस्याएं बतायी। उनकी समस्या को देखते हुए 12 मीटर तक अतिक्रमण को हटाया गया है। यदि नियमानुसार अतिक्रमण तोड़ा जाता तो कई लोगों के पूरे घर चले जाते। कलक्ट्रेट तिराहे पर दुकानदारों को दो दिन का समय दिया गया है। यदि वे खुद अपना अतिक्रमण नहीं हटाते हैं तो वह ध्वस्त कर दिया जाएगा।
- अमित कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट