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एक दूसरे के पाले में गेंद डालने में लगे अधिकारी

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बदायूं। नगर पंचायत वजीरगंज में खेल मैदान की जमीन पर बनी दुकानों को तोड़ने और बचाने के मामले में अधिकारी भी सांप-छछूंदर वाला खेल खेल रहे हैं। पता ही नहीं चल रहा है कि कौन दुकानें तोड़ना चाह रहा है और कौन बचाना। पिछली बार दुकानें तोड़ने के लिए की गईं सभी तैयारियां जहां दुकानें बनवाने वाले के मोहलत मांगने पर धरी की धरी रह गईं वहीं अब अधिकारी एक दूसरे के पाले में गेंद डालने में लग गए हैं। इसके पीछे इस मामले में तगड़ा राजनीतिक हस्तक्षेप बताया जा रहा है। इस हस्तक्षेप की वजह से ही दुकानें तोड़ने में इतनी देर हो रही है। शुक्रवार को इस मामले में एसडीएम बिसौली ने नगर पंचायत के ईओ को पत्र जारी कर निर्माण तोड़ने के लिए तिथि नियत किए जाने को कहा तो वहीं ईओ ने अगले सप्ताह तक मोहलत का वक्त पूरा होने की बात कह रहे हैं।
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नगर पंचायत की भूमि गाटा संख्या 294 खेल मैदान की भूमि पर कस्बे के ही राजनीतिक प्रभाव वाले एक व्यक्ति ने 22 दुकानों का निर्माण कराकर ऊंची कीमतों पर बेच दिया था। जब इसकी शिकायत हुई तो एडीएम प्रशासन ऋतु पूनिया ने इसकी जांच के आदेश अधिकारियों को दिए थे। बताया जाता है कि जांच में शिकायत सही मिली तो इन्हें तोड़ने के आदेश कई माह पहले कर दिए गए थे। राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते जब दुकानें नहीं टूटीं तो इसकी शिकायत सांसद संघमित्रा मौर्य से की गई जिस पर उन्होंने मुख्यमंत्री को भी इस मामले से अवगत कराया था।
पिछले दिनों जब कमिश्नर रणवीर प्रसाद बदायूं दौरे पर आए थे तो उन्होंने बैठक में सार्वजनिक रूप से ईओ डॉ. डीके राय से इन दुकानों को ध्वस्त कराने तथा भूमाफिया पर कार्रवाई करने के आदेश दिए थे, जिसके बाद इन दुकानों को तोड़ने के लिए सात सितंबर की तारीख तय की गई थी। निर्माण तोड़ने के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। साथ ही पुलिस बल, जेसीबी आदि की व्यवस्था के लिए भी संबंधित अधिकारियों से पत्राचार किया गया था, लेकिन ऐन मौके पर कब्जा धारक ने प्रशासन से ‘मोहलत’ मांग ली थीं, जिस पर उसे तत्काल मोहलत दे दी गई थी।
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शुक्रवार को एसडीएम बिसौली सीपी सरोज ने नगर पंचायत के ईओ डॉ. डीके राय को पत्र भेजकर कहा है कि सरकारी भूमि पर कब्जा हटाया जाना है, लेकिन मोहलत देने के बाद भी नगर पंचायत ने कोई तिथि इसके लिए तय नहीं की है। उन्होंने ईओ को इसकी तिथि तय कराने के लिए कहा है।
दुकानें टूटने से बचाने को लगाया जा रहा पूरा जोर
खेल मैदान पर बनी दुकानों को टूटने से बचाने के लिए दुकान बनवाने वाले व्यक्ति द्वारा कोर्ट से लेकर अपने राजनीतिक आकाओं तक की दौड़ लगाई जा रही है। पूरा प्रयास किया जा रहा है कि कैसे भी दुकानें टूटने से बच जाएं। बताया जाता है कि ये दुकानें बनवाकर लाखों रुपये में लोगों को बेच दी गई, जिसका कोई भी हिसाब किसी के पास नहीं है। इस धनराशि को जिसने जैसा चाहें बांट लिया। हालांकि जिला स्तरीय अधिकारियों को रुख देखकर लग रहा है कि दुकानें हर हाल में तोड़ी जानी हैं।
संबंधित व्यक्ति ने कब्जा खुद हटाने के लिए कुछ समय मांगा था, जिस पर उसे समय दिया गया था। यह समयावधि अगले सप्ताह पूरी होनी है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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डॉ. डीके राय, ईओ, नगर पंचायत वजीरगंज
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