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70 हजार गरीबों को नहीं मिला आयुष्मान भारत योजना का लाभ

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बदायूं। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गरीबों को गोल्डन कार्ड जारी करने की रफ्तार पर कोरोना काल में ब्रेक लग गया है। जिले में अब भी करीब 70 हजार गरीबों को गोल्डन कार्ड जारी नहीं हो सके हैं। ऐसे में यह गरीब पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज से वंचित हैं। हालांकि, जिम्मेदार दावा कर रहे हैं कि सितंबर के अंत तक शत प्रतिशत लक्ष्य को हासिल कर लिया जाएगा।
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आयुष्मान भारत के तहत गरीबों को पांच लाख तक के मुफ्त इलाज की व्यवस्था है। वह योजना के तहत चयनित सरकारी के साथ निजी अस्पतालों में भी मुफ्त इलाज करा सकते हैं। जिले में 1.87 लाख गरीबों को योजना के तहत गोल्डन कार्ड जारी किए जाने थे, लेकिन अब तक 1.17 लाख लोगों को ही गोल्डन कार्ड जारी हो सके हैं। मार्च में कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन के बाद जिले में कार्ड बनाने का काम लगभग ठप हो गया है। गौर करने वाली बात यह है कि जिले में करीब 190 गांव अब भी ऐसे हैं तो या तो योजना से पूरी तरह अछूते हैं या फिर यहां सिर्फ एक-दो लोगों को ही कार्ड जारी किए गए हैं। इतना ही नहीं इन गांवों में एक भी गरीब ने मुफ्त इलाज की सुविधा का लाभ नहीं उठाया है। अब तक जिले में करीब 70 हजार पात्रों को कार्ड जारी नहीं हो सके हैं। जिला समन्वयक नितिन वर्मा का कहना है कि जिले भर में सीएचसी-पीएचसी पर कैंपों का आयोजन कर गोल्डन कार्ड जारी करने का काम सितंबर के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।
अब 30 सितंबर तक का रखा गया लक्ष्य
शत प्रतिशत गरीबों को गोल्डन कार्ड जारी करने के लिए अब माइक्रोप्लान बनाकर 30 सितंबर तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हालांकि, पिछले साल भी माइक्रो प्लान तैयार कर शत प्रतिशत कार्ड बनाने के लिए वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले 15 फरवरी तक का लक्ष्य रखा गया था। इसके बावजूद गरीबों को गोल्डन कार्ड जारी नहीं हो सके थे। इस दौरान कई अपात्रों को कार्ड जारी किए जाने का मामला सामने आया था। बाद में इन गोल्डन कार्ड को निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।
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56 हजार परिवारों का हुआ री-वेरिफिकेशन
आयुष्मान भारत योजना के तहत जिन परिवारों को गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं उनमें अब तक 56 हजार परिवारों का रीवेरिफिकेशन हो चुका है। बाकी का रीवेरिफिकेशन का काम जारी है। इसमें आशा वर्कर का भी सहयोग लिया जा रहा है। जिला समन्वयक आयुष्मान भारत योजना नितिन वर्मा का कहना है कि गोल्डन कार्ड का काम जल्द गति पकड़ेगा।
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