बदायूं। जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए लोक निर्माण विभाग की तरफ से नवादा पर नाला निर्माण कराया जा रहा था। स्थानीय लोगों की शिकायत पर डीएम के निर्देश पर एडीएम प्रशासन ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर इसकी जांच कराई तो पता चला कि नाला निर्माण में तमाम अनियमितताएं बरती गई हैं। नाले का न तो ढाल ठीक है और न ही उसमें मानक के अनुरूप काम कराया गया है। कई अन्य कमियां भी नाले में मिलीं जिसके बाद अब साबित हो गया है कि कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने इसमें सरकारी धन का दुरुपयोग किया है। माना जा रहा है कि अब इन्हीं अधिकारियों से इसकी वसूली की जाएगी। एडीएम प्रशासन ने इसके संकेत भी दिए हैं।
जनपद में आमतौर पर बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या अधिकांश जगहों पर उत्पन्न हो जाती है। इसकी मुख्य वजह नाला चोक होना या जल निकासी का पर्याप्त साधन नहीं होना है। ऐसी ही स्थिति शहर के नवादा इलाके की है। यहां पर भी जलभराव की समस्या हमेशा बनी रहती है। इससे सड़क पर जलभराव हो जाता था। इससे निजात पाने के लिए स्थानीय लोगों ने डीएम से गुहार लगाई थी जिसके बाद में डीएम ने लोगों की दिक्कतों को देखते हुए वहां पर नाला निर्माण की अनुमति देते हुए इसे बनाने का जिम्मा लोनिवि को दिया।
कार्यदायी संस्था की तरफ से वहां पर 42 लाख की लागत से नाला निर्माण का काम शुरू हो गया। स्थानीय लोगों ने डीएम से शिकायत की और कहा कि नाला जिस तरह बन रहा है। उससे समस्या का समाधान नहीं होगा क्योंकि नाले का जो ढाल बनाया जा रहा है, वह ठीक नहीं है। इस पर डीएम ने मौके का मुआयना कर जांच के निर्देश एडीएम प्रशासन ऋतु पूनिया को दिए। एडीएम प्रशासन ने तीन सदस्यीय टीम का गठन कर इसकी जांच कराई। जांच टीम ने बारीकी से इसकी जांच की तो पता चला कि स्थानीय लोगों की बात सही है। उन्होंने पाया कि इस नाले से पानी का निकास ठीक प्रकार से नहीं हो सकता है और जलभराव की समस्या बनी रहेगी। टीम से मिली रिपोर्ट के आधार पर एडीएम ने डीएम को रिपोर्ट दी जिसमें उन्होंने अधिकारियों से नाला निर्माण की धनराशि वसूलने की बात कही है।
क्या कहते हैं अधिकारी
नवादा पर जो नाला बन रहा था, उसकी तीन सदस्यीय टीम से जांच कराई। टीम की रिपोर्ट के अनुसार काफी कमियां हैं। इस नाले से लोगों को फायदा नहीं होने वाला था। ऐसे में सरकारी धन का गलत उपयोग किया गया जिसके आधार पर इस धनराशि की कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से वसूली की जाएगी।
- ऋतु पूनिया, एडीएम प्रशासन