बदायूं। शहर में जलभराव की समस्या पुरानी है। इस बार प्रशासन नालों की तलीझाड़ सफाई मजिस्ट्रेट की निगरानी में करा रहा है। लेकिन स्थायी अतिक्रमण इसमें आड़े आ रहा है। अमर उजाला लगातार नालों की सफाई और अस्थाई अतिक्रमण की तस्वीर जनता के सामने ला रहा है। पिछले दिनों प्रशासन ने गद्दीचौक स्थित आंबेडकर पार्क के पास नाले पर किया गया अस्थायी अतिक्रमण तोड़ने का प्रयास किया लेकिन वह उसमें सफल नहीं हो पाया। शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में गद्दी चौक पर नाले के ऊपर हो रहे अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान भारी पुलिस बल और पीएसी के जवान तैनात रहे।
नगर पालिका प्रशासन की तमाम जमीन से लेकर नालों तक पर लोगों के अस्थायी और स्थायी कब्जा कर लिया है। इसे हटाने के लिए पिछली सरकार के दौरान नगर पालिका प्रशासन द्वारा खास प्रयास नहीं किए गए थे। लेकिन सत्ता परिवर्तन का असर शहर में हल्के-हल्के दिखने लगा। जिला प्रशासन ने लालपुल पर कई मैरिज लॉन समेत अन्य निर्माणों को गिराया। वहीं, कुछ दिन पहले पूर्व विधायक रामसेवक पटेल की कोठी को भी प्रशासन ने गिरा दिया। शनिवार को शहर के गद्दी चौक पर नाले के ऊपर हो रही अतिक्रमण को गिराने के लिए सुबह ही सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार, सीओ सिटी विनय कुमार द्विवेदी की अगुवाई में नगर पालिका के कर्मचारी, कोतवाली, सिविल लाइंस की पुलिस और पीएसी वहां पहुंच गए। काफी संख्या में पुलिस बल को देख लोग सकते में आ गए। सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर नाले के ऊपर हो रहा अतिक्रमण जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया गया। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि अगर अब किसी ने इस पर निर्माण किया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इस मामले में दूसरे पक्ष का कहना है कि सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट से इस मामले में स्टे मिला हुआ है। तोड़ने का नोटिस या कोई सूचना भी नगर पालिका प्रशासन द्वारा नहीं दी गई। ऐसे में निर्माण तोड़ा जाना गलत है।
पूरा रोड कर दिया था बंद
जब पुलिस, प्रशासन गद्दी चौक पर तोड़फोड़ करने के लिए पहुंचा तो उन्होंने पहले से गद्दी चौक को जाने वाले सभी रास्ते को बंद कर दिया। ताकि इससे कोई भी व्यक्ति इधर न आ जा सके। जब प्रशासन निर्माण तोड़ रहा था तो लोग इसे देखने के लिए गलियों और छतों पर आ गए। पुलिस ने गलियों में खड़े लोगों को घरों में रहने की हिदायत देते हुए वापस कर दिया।
इस बार नहीं की चूक, तोड़ दिया अवैध निर्माण
पिछली बार 13 फरवरी को सिटी मजिस्ट्रेट पुलिस के साथ में यह अवैध निर्माण तोड़ने के लिए दोपहर के समय पहुंचे थे लेकिन वहां स्थानीय लोगों ने इसका विरोध कर दिया। लोगों ने तुरंत ही अधिवक्ताओं को बुला लिया था और वहां पर कागजी कार्रवाई पूरी नहीं होने की वजह से सिटी मजिस्ट्रेट को बिना तोड़े वापस लौटना पड़ा। उसके बाद में अतिक्रमणकारी को नोटिस दिया गया। इसके बाद मामला चलता रहा। इस पर शनिवार को यह अवैध निर्माण तोड़ दिया गया।
क्या कहते हैं अधिकारी
नाले के ऊपर अवैध निर्माण किया गया था। पूर्व में कई बार नोटिस देकर खाली करने के निर्देश दिए गए थे। समयावधि पूर्ण होने के बाद इस अवैध निर्माण को गिरा दिया गया है। इससे शहर में हो रहे जलभराव की समस्या से भी काफी हद तक निजात मिलेगी।
- अमित कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट