बदायूं। अयोध्या मामले पर निर्णय शनिवार को आने वाला है। प्रशासन और पुलिस भी सुरक्षा के मामले में कहीं कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं वहीं लोगों से भी सौहार्द बनाए रखने और कोर्ट के फैसले का सम्मान करने की अपील की जा रही है। एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने सभी थानाध्यक्षों और इंस्पेक्टरों को आदेश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सतर्क रहें। खासकर उन स्थानों पर ज्यादा ध्यान रखें, जो पहले से संवेदनशील घोषित हैं। क्षेत्र में खुराफातियों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है। वाट्सअप से लेकर फेसबुक, ट्वीटर पर डाले जा रहे स्टेटस चेक किए जा रहे हैं। तो वहीं पुलिस अधिकारी लगातार अपने-अपने क्षेत्र की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। निर्णय के दौरान अगर कोई खुराफात करता हुआ या अफवाह फैलाता हुआ पाया गया तो शायद उसकी खैर नहीं होगी। उसके सख्ती से निपटा जाएगा।
सभी स्कूल, कॉलेज सोमवार तक रहेंगे बंद
बदायूं। अयोध्या प्रकरण को लेकर शनिवार को फैसला आने वाला है। इसके दृष्टिगत डीएम कुमार प्रशांत ने डीआईओएस राममूरत और बीएसए रामपाल सिंह को निर्देशित किया है कि शनिवार से लेकर सोमवार तक सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखा जाए। कहा कि किभी भी दशा में कोई भी विद्यालय नहीं खुलना चाहिए।
कोर्ट का निर्णय सभी को ससम्मान सभी को स्वीकार करना चाहिए
कई वर्षों से मामला कोर्ट में विचाराधीन था। अब समय आ गया है। जो भी फैसला आएगा, वह मान्य होगा। सभी को न्यायालय के फैसले को ससम्मान स्वीकार करना चाहिए। वैसे भी हम सब उस देश में रहते हैं जिसकी मिसाल प्रेम और भाईचारे को लेकर दी जाती है, इसलिए सभी प्रेम और भाईचारे से रहें और एक दूसरे की भावना का सम्मान करें।
-श्याम कुमार वैश्य, व्यवसायी
अयोध्या प्रकरण में जो फैसला आएगा, वह सभी को मान्य होना चाहिए। देश की सर्वोच्च अदालत ये फैसला सुनाएगी। इसलिए इस पर किसी को शक नहीं करना चाहिए और प्रेम व भाईचारे की भावना बनाकर रखनी चाहिए। इसमें युवा वर्ग की भागीदारी सबसे ज्यादा बनती है।
-सुभाष चंद्र खत्री, शिक्षक
लोग सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान करें। भारत गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल रहा है। सभी धर्मों के लोग इस मिसाल को कायम रखें। अयोध्या मामले को लेकर चाहे जो भी निर्णय आए, उसका सम्मान जरूर करें। यही मेरी अपील है।
-डॉ. शरद कुुमार गुप्ता, चिकित्सक
हिन्दुस्तान एकता और प्रेम के धागे में बंधा देश है, जिसकी अखंडता को कोई नहीं बांट सकता। अयोध्या मामले में जो भी फैसला हो, लेकिन ये सौहार्द बिगड़ना नहीं चाहिए। फैसला कुछ भी आए, लोग प्रेम के साथ रहें और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का सम्मान करें।
-डॉ. विकास कुमार गुप्ता, चिकित्सक
जो भी फैसला आएगा, वह जनहित में होगा। देश की सर्वोच्च अदालत ये फैसला सुना रही है, इसलिए सभी को इसका सम्मान करना चाहिए। सभी को आपस में प्रेम और सौहार्द के वातावरण को बनाए रखना होगा, यह हमारी जिम्मेदारी भी है।
-मोहम्मद इरशाद, प्रधानाचार्य, राजकीय हाईस्कूूल जगत
हिन्दुस्तान हमेशा से ही मोहब्बत का देश है। यहां सभी धर्मों के लोग आपसी प्यार से रहते हैं। इसलिए हमें किसी भी बात पर इस सौहार्द को नहीं बिगाड़ना चाहिए। सर्वोच्च अदालत का फैसला जो कोई भी हो लेकिन हमें हिन्दुस्तान की संस्कृति को नहीं भूलना चाहिए।
-मोहम्मद असरार अहमद, प्रधानाध्यापक, बेसिक शिक्षा