फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेटियों ने निभाया बेटों का फर्ज, पिता की चिता को मुखाग्नि

विज्ञापन
विज्ञापन
दातागंज (बदायूं)। इस समाज में जहां पिता की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार करने के लिए बेटों को आगे रखा जाता है वहीं सोमवार को नगर की दो बेटियों ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। दोनों बेटियों ने विधि विधान से अपने पिता का अंतिम संस्कार किया। ये देखकर लोगों की आंखों में आंसू नहीं थमे।
विज्ञापन

कस्बा निवासी चमन गुप्ता करीब 45 साल के थे। उनके कोई बेटा नहीं था। उनकी दो बेटियां हैं रिचा और दिशा। दोनों पढ़ाई कर रहीं हैं। करीब बीस साल पहले चमन गुप्ता के गुर्दे खराब हो गए थे। तब उनकी मां सावित्री जीवित थीं। चमन गुप्ता अपने मां-बाप के इकलौते बेटे थे। मां सावित्री ने उन्हें अपना एक गुर्दा दान करके जीवनदान दिया था। रविवार को अचानक चमन गुप्ता के सीने में दर्द हुआ। दोनों बेटियां अपनी मां विमला के साथ उन्हें डॉक्टर के पास ले गई। डॉक्टर ने बताया कि चमन गुप्ता को हार्टअटैक पड़ा है। उन्होंने समय गंवाए बिना चमन गुप्ता को दिल्ली ले जाना उचित समझा लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। परिवार वाले शव को घर ले आए। रात भर यही विचार होता रहा है कि आखिर उन्हें मुखाग्नि कौन देगा। सुबह नाते रिश्तेदार उनके शव को लेकर श्मशान पहुंचे। दोनों बेटियां भी पहुंच गईं और उन्होंने विधि विधान के साथ अपने पिता को मुखाग्नि दी। उनका अंतिम संस्कार किया। इस दौरान कई लोग श्मशान भूमि पर मौजूद थे। दोनों बेटियां वह कार्य कर रहीं थीं, जो एक बेटा करता है। इसे देख लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें