बदायूं/ कादरचौक। मिनी कुंभ के नाम से प्रसिद्ध मेला ककोड़ा की तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। हालांकि इसकी गति अभी धीमी है, लेकिन दुकानदारों ने सामान लाकर जमाना शुरू कर दिया है। इधर श्रद्धालु भी अपने डेरे तंबू लेकर पहुंचने लगे हैं। बीते समय की बातें करें तो एक जमाना था जब जिले समेत दूरदराज के अन्य जनपदों और राज्यों से लोग यहां आया करते थे और कई-कई दिनों पहले से कल्पवास करते थे। हर किसी की एक ही मंशा होती थी कि आधुनिकता और शहर की भागदौड़ की जिंदगी को पीछे छोड़कर कुछ समय यहां ग्रामीण परिवेश जैसे माहौल में शांति के साथ गुजारे जाएं, लेकिन समय के साथ-साथ जहां लोगों का यहां ठहराव चार या पांच दिनों पर आकर सिमट गया वहीं मेले से गांव भी ‘लापता’ हो गया। इसके स्थान पर यहां शहरी कल्चर आने लगा है। मेले में पहले जहां मिट्टी के चूल्हों की जबरदस्त बिक्री हुआ करती थी वहीं अब श्रद्धालु अपने साथ गैस सिलिंडर लाने लगे हैं। केवल यही नहीं, तमाम श्रद्धालु आधुनिक गैजेट से लैस होकर यहां पहुंचते हैं और अपने मुताबिक मेले का आनंद उठाते हैं।
रुहेलखंड का सुप्रसिद्ध मेला ककोड़ा मंगलवार पांच नवंबर से विधिवत शुरू हो जाएगा। मेले में श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेेशानी न हो, इसके लिए जिला पंचायत की ओर से काम कराए जा रहे हैं। ये मेला हमेशा से ग्रामीण परिवेश से जुड़ा रहा है। कभी श्रद्धालु यहां पर पहुंचकर खिचड़ी और सिल-बटने वाली हरी चटनी का आनंद लिया करते थे, साथ ही यहां पर जो भी खाना बनता था, वह मिट्टे के चूल्हे पर ही बनाया जाता था, लेकिन अब धीरे-धीरे ये मेला आधुनिकता की दौर की तरफ बढ़ना शुरू हो गया है। पहले की तुलना में अब यहां मिट्टी के चूल्हों की बिक्री न के बराबर रह गई है। लोग अब घरों से ही रसोई गैस, मिक्सी, ब्लेंडर, जूसर आदि लेकर लाते हैं, जिसकी वजह से उन्हें न तो मिट्टी के चूल्हे की जरूरत पड़ती है और न सिल-बटने की।
झंडी पूजन आज, विधिवत मेले का शुभारंभ
बदायूं/ कादरचौक। रेत की चादर पर रुहेलखंड का मेला ककोड़ा मंगलवार को झंडी पूजन के साथ विधिवत शुरू हो जाएगा। मेले को देवी मंदिर से जिला पंचायत के प्रभारी एएमए केसी वर्मा झंडी लेकर जाएंगे। इसके बाद में मेले में डीएम और एसएसपी द्वारा गंगा पूजन और यज्ञ के बाद झंडी स्थापित कर मेला आरंभ होगा।
मेला ककोड़ा को लेकर जिला प्रशासन और जिला पंचायत कई दिन से मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। हालांकि अभी काफी काम अधूरा है, लेकिन समयानुसार मंगलवार को मेला झंडी पूजन के साथ विधिवत रूप से शुरू हो जाएगा। मंगलवार को प्रभारी एएमए केसी वर्मा अन्य कर्मचारियों के साथ ककोड़ा गांव स्थित ककोड़ा वन देवी मंदिर से झंडी लेकर गंगाघाट तक ले जाएंगे। यहां पर डीएम कुमार प्रशांत और एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी झंडी और गंगाजी का पूजन करेंगे, साथ ही यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान पुलिस, प्रशासन और जिला पंचायत के अफसर मौके पर मौजूद रहेंगे। वहीं मेले में मुख्य स्नान कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर 12 नवंबर को होगा। मेेले में हर साल लाखों की भीड़ जुटती है।
तीन दिन मेले में होगी गंगा महाआरती, मुख्य पुजारी होंगे कृष्णपाल नेपाली
बदायूं/ कादरचौक। कछला में होने वाली गंगा महाआरती पहली बार मेला ककोड़ा में की जाएगी। इन दिनों ये आरती कछला में नहीं होगी। इसको लेकर गंगा महासभा की ओर से तैयारियां की जा रही है। मेले में गंगा महाआरती में मुख्य पुजारी बनारस से आये कृष्णपाल नेपाली होंगे। वहीं मेले में तैयारियों जोरों पर की जा रही है। दो सौ अस्थायी शौचालय भी पहुंच गए हैं, जिनका लगना शुरू हो गया है।
ऐतिहासिक मेला ककोड़ा और जिला प्रशासन की ओर से मेले को और अधिक ऐतिहासिक बनाने पर विचार चल रहा है। इसकेे तहत प्रशासन ने फैसला किया है कि कछला गंगाघाट पर जो महाआरती होती थी, वह तीन दिन कछला में न होकर मेला ककोड़ा में की जाएगी। इसको लेकर तैयारियां अभी से की जा रही है, ताकि आरती के समय में किसी भी प्रकार की कोई अड़चन नहीं आने पाए। मेले में होने वाली महाआरती के मुख्य पुजारी कृष्ण पाल नेपाली होंगे। तीनों दिन गंगा आरती इनकी देखरेख में की जाएगी। वहीं प्रशासन से अलग गंगा महासभा की ओर से भी गंगा महाआरती को लेकर तैयारियां अपने स्तर से भी की जा रही है। मेले में हर शाम को लाखों श्रद्धालु गंगा मैया की तट पर खड़े होकर आरती में हिस्सा लेंगे तो उस वक्त मेले का नजारा देखते ही बनेगा।
ऐतिहासिक फोटो प्रतियोगिता का होगा आयोजन
बदायूं। रुहेलखंड के मिनी कुंभ के नाम से पतित पावनी गंगा के तट पर कार्तिक माह में लगने वाला मेला ककोड़ा में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं लोगों का आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इस साल पहली बार बदायूं के ऐतिहासिक धरोहरों की तस्वीर की भी प्रतियोगिता कराई जाएगी। मेले में दूरदराज से बड़ी आस्था के साथ श्रद्धालु गंगा में स्नान के लिए आते हैं। ऐसे में मेले में बॉडी बिल्डिंग शो, बैंड बाजा समेत अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन भी कराया जाएगा।
सोमवार को कलक्ट्रेट में डीएम कुमार प्रशांत ने एडीएम आरएन शर्मा के साथ मेले में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के बारे में समीक्षा बैठक की। मेले में मूंछ, कुश्ती, कबड्डी, पतंगबाजी प्रतियोगिता होगी, साथ ही इस बार बदायूं से संबंधित ऐतिहासिक फोटो प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। फोटो प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागी उस फोटो को नौ नवंबर तक शाम पांच बजे कलक्ट्रेट स्थित जिला सूचना कार्यालय में जमा कर सकते हैं। इन सभी प्रतियोगिताओं का आयोजन मेला ककोड़ा में 10 नवंबर को किया जाएगा। प्रतियोगिताओं में विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया जाएगा। डीएम ने कहा कि मेले में ये ऐतिहासिक प्रतियोगिताएं होने से मेले की एक नई पहचान बनेगी।
मेले में लग गई चाट पकौड़ी की दुकान
मेले में चाट पकौड़ी की दुकानें खुल गई है। ऐसे में मेले में पहुंचने वाले श्रद्धालु और व्यापारी इसका आनंद ले रहेे है। सोमवार को सबसे ज्यादा चाट पकौड़ी का आनंद बच्चे उठाते नजर आए।
बरेली और वीआईपी बाईपास अधूरा
मेले के अंदर कोतवाली के पास से मुख्य रास्ते के अलावा बरेली बाईपास और दूसरा वीआईपी बाईपास है। यहां पर ठेकेदार की ओर से मुख्य रोड को निर्माण तो करा दिया गया है, लेकिन बरेली और वीआईपी बाईपास का काम अभी अधूरा चल रहा है, जिसकी वजह से लोगों का उधर से निकलने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
बनेंगे चार रैन बसेरा
-मेला ककोड़ा में जिला पंचायत की ओर से हर साल रैन बसेरा बनाए जाते हैं। इस बार मेला ककोड़ा में चार रैन बसेरा बनाए जाएंगे, ताकि मेले में आने वाले श्रद्धालु, जिनके पास में रुकने की जगह नहीं हैं वे यहां पर रुक सकें।