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सिस्टम बेहाल- पुरानों पौधों की चिंता नहीं..नये के लिए मिल गया लक्ष्य

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बदायूं। लगभग छह माह पूर्व वजीरगंज के पशु चिकित्सालय में 40 पौधे और जूनियर स्कूल में लगभग 50 पौधे लगाए गए थे, लेकिन आज वहां एक पौधा दिखाई नहीं देता। वहीं ब्लॉक संसाधन केंद्र पर 15 पौधे लगाए गए थे। जिनमें दो पौधे जिंदा है, बाकी कहां गए, पता नहीं। कुवरगांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी लगे पौधे सूख गए हैं। कस्बे के गांधी पार्क में तो नगर विकास मंत्री ने पौधरोपण किया थे, वे पौधे भी सूख चूके हैं। जगत ब्लॉक में भी काफी पौधे लगाए गए, पर वहां भी स्थिति बेहद खराब है। इधर उझानी से बरेेली रोड को जोड़ने वाले बाईपास पर लगभग एक साल पहले सैकड़ों पौधे लगाए थे, जिनमें आज के समय में एक भी पौधा मौके पर मौजूद नहीं है। उधर अब विभाग को वर्ष 2020-21 के लिए करीब 40 लाख पौधों को लगाने का लक्ष्य दिया गया है।
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ये तो सिर्फ बानगी भर है, पूरे जिले के हालात पर गौर करें तो वे तो और भी ज्यादा खराब हैं। शासन के निर्देश पर जिले भर में पौधरोपण अभियान व्यापक रूप से चलाया गया। वर्ष 2018-19 में वन विभाग को छोड़कर जिले के 25 विभागों द्वारा पांच लाख 48 हजार से अधिक पौधे लगाए गए। वर्ष 2019-20 में वन विभाग समेत सभी 26 विभागों ने 39 लाख 24 हजार से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया, जिसके तहत जिले में पौधरोपण किया गया। वन विभाग के अनुसार वर्ष 2018-19 में लगाए पौधे में से 85 प्रतिशत पौधे लगभग जीवित अवस्था में है। जबकि 2019-20 में लगाए गए पौधों में से भी 90 प्रतिशत पौधे जीवित हैं, लेकिन मौजूदा हालात कुछ और ही कहानी बयां कर ही है। जहां विभाग बताता है वहां पौधे लगे तो जरूर थे, लेकिन जीवित की बात करें तो स्थिति सामने आ जाती है। अब विभाग को वर्ष 2020-21 के लिए करीब 40 लाख पौधों को लगाने का लक्ष्य दिया गया है। इसको लेकर विभाग की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गईं है। नर्सरी में पौधरोपण भी लगातार किया जा रहा है, ताकि पौधरोपण के समय विभाग के पास पर्याप्त पौधे मौजूद हों।

जिस विभाग ने लगाए, उनकी जिम्मेदारी
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जिले मेें जहां पर भी पौधरोपण हुआ है, उनको जिस विभाग द्वारा लगाया गया है, उसी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि वह पौधों की सुरक्षा करे।
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वन विभाग के पास हैं 495 हेक्टेयर पौधरोपण की जगह
विभाग के अनुसार उसके पास करीब छह हजार हेक्टेयर में जंगल है, जबकि 495 हेक्टेयर जमीन पर पौधरोपण किया जाता है। इनकी देखरेख के लिए विभाग की ओर से करीब 50 कर्मचारियों को रखा गया है।

हां, इस बार शासन की ओर से अभी 40 लाख पौधों को लगाने का लक्ष्य दिया गया है। इसको लेकर तैयारी की जा रही हैं। कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वह नर्सरी पर विशेष ध्यान रखें। विभाग की ओर से जो पौधरोपण किया गया था, उनकी देखभाल के लिए कर्मचारी लगे हुए हैं। वहीं जिन विभागों की ओर से पौधे लगाए गए थे, उनकी देखरेख की जिम्मेदारी उन्हीं विभागों की है।
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-राजेश सिंह, प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी प्रभाग
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