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परिवहन निगम में फर्जीवाड़ा, ओपन कार्ड के हजारों रुपये डकार गया कर्मचारी

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बदायूं। परिवहन निगम में तैनात एक कर्मचारी हजारों रुपये का घपला कर गया और जिम्मेदारों को इसकी भनक तक नहीं लगी। खास बात यह रही कि उसके खिलाफ दर्जनों शिकायतें आईं। इसके बावजूद न तो कोई एक्शन लिया गया और न ही ग्राहकों के ओपन कार्ड बन सके। भुक्तभोगी आज भी दर-दर भटकने को मजबूर हैं और कार्यालय स्टाफ पल्ला झाड़ने में लगा है।
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उझानी कस्बा निवासी अरशद हुसैन सहसवान मंडी में अभिरक्षक पद पर तैनात हैं। रोजाना उनका रोडवेज बसों में चलना होता है। रोज-रोज टिकट बनवाने के झंझट से बचने और 20 प्रतिशत का लाभ लेने के लिए उन्होंने कुछ माह पूर्व परिवहन कार्यालय पहुंचकर ओपन कार्ड के लिए आवेदन किया था। उन्होंने 550 रुपये भी जमा किए थे। उनसे कहा गया था कि पंद्रह दिन में उनका कार्ड बनकर आ जाएगा। उसके बाद वह आकर कार्ड ले जाएं। तय समय के अनुसार अरशद हुसैन परिवहन कार्यालय पहुंचे, लेकिन उन्हें कर्मचारी न होने की बात कहकर टहला दिया गया। तब से लेकर अरशद कार्यालय के कई चक्कर लगा चुके हैं लेकिन न तो उनका कार्ड बना और न ही उनके रुपये लौटाए गए, जबकि रुपये जमा करने की रसीद उनके पास मौजूद है। इसी क्रम में शुक्रवार को वह फिर कार्यालय पहुंचे और रुपये जमा करने वाले कर्मचारी के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज कराई। तब पता चला कि इस फर्जीवाड़े के वह अकेले शिकार नहीं है। दर्जनों लोग उस कर्मचारी के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज करा चुके हैं। कार्यालय में लगातार उसके खिलाफ शिकायत करने वाले आ रहे हैं। इसका एक रजिस्टर भी बना दिया गया है। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों की आंखों पर पट्टी बंधी है। घोटालेबाज कर्मचारी आखिर क्यों नहीं आ रहा है। इस पर कार्यालय का स्टाफ पल्ला झाड़ रहा है। ग्राहकों से कह दिया जाता है कि कर्मचारी भाग गया लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। इससे लोगों में रोष व्याप्त है।
मुनीश कुमार के 550 रुपये, अजय कुमार के 550 रुपये, प्रशांत कुमार के 550 रुपये, दीपांशु मथुरिया के 550 रुपये, योगेश कुमार के 550 रुपये, आशीष कुमार सिंह के 550 रुपये, राजेंद्र सैनी के 550 रुपये, विवेक सक्सेना के एक हजार रुपये, विनोद कुमार के 1200 रुपये, नाजिम अली के एक हजार रुपये, यास्मीन के 1208 रुपये, प्रभाकर सक्सेना 500 रुपये, खदीजा सैफी के 550 रुपये, अजीत कुमार के 550 रुपये, प्रमोद कुमार 550 रुपये, उमेश चंद्र शर्मा के 600 रुपये, मोहम्मद विलाल उल्ला खान के दो हजार रुपये, जुनेद आलम के 550 रुपये, इकबाल अहमद के 550 रुपये, कमल गुप्ता के 550 रुपये, नरेंद्र पाल सिंह के 1100 रुपये समेत आशीष कुुमार, सुरेश बाबू, भुवनेश कुमार और हर्ष शर्मा आदि के रुपये जमा होने के बावजूद घपले में हैं।
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ओपन कार्ड बनवाने के मामले में अब तक मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई है, जिस पर हम कार्रवाई करते। जिस कर्मचारी का नाम बताया जा रहा है। वह अभी छुट्टी पर गया है। मामले की जांच कराने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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-राजेश कुमार, एआरएम
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