बदायूं। एक लाख रुपये से अधिक के बकायेदारों के नाम पावर कारपोरेशन ने नेम एंड शेम योजना के तहत सार्वजनिक किए तो शहरी क्षेत्र में एक लाख रुपये से अधिक के 869 बकायेदार निकले। इनमें एक दर्जन से अधिक लोग ऐसे हैं जिन पर चार-चार लाख रुपये से ज्यादा का बकाया आ रहा है। वहीं विभाग का कुल 15 करोड़ 93 लाख 88 हजार के करीब रुपये लोगों पर बकाया है। अब विभाग इनके कनेक्शन काटने की तैयारी कर रहा है। ग्रामीण क्षेत्र और निजी नलकूप के बकायेदार इनसे अलग हैं।
पावर कारपोरेशन का अधिकतर उपभोक्ताओं पर कुछ न कुछ बकाया आ रहा है। यहां तक कि प्राइवेट उपभोक्ताओं से लेकर सरकारी विभागों पर भी लाखों रुपये बकाया चल रहा है। विभाग अब तक छोटे स्तर पर अभियान चलाया कर उपभोक्ताओं से वसूली करता था, जबकि बड़े बकायेदारों पर हाथ रखने से कतराते थे। यहां तक कि सरकारी भवन की ओर झांककर देेखते तक नहीं थे, लेकिन इस बार विभाग की ओर से सख्ती बरती गई है। शासन स्तर से वसूली को लेकर सख्त निर्देश दिए। निर्देश मिलने के बाद में विभाग की ओर से सरकारी महकमे के खिलाफ अभियान की शुरुआत की गई। जिसके बाद नगर पालिका, डायट, बाढ़ खंड अन्य विभागों को बकाया धनराशि जमा करने की निर्देश दिए, बकाया धनराशि जमा नहीं करने पर कनेक्शन काटने की बात कही। इस पर डायट प्राचार्य, नगर पालिका द्वारा बकाया धनराशि को जमा करा दिया गया। वहीं बाढ़ खंड द्वारा धनराशि जमा नहीं की। इस पर पावर कारपोरेशन ने उनका कनेक्शन काट दिया। अमर उजाला ने इस खबर को पिछले दिनों प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके साथ ही विभाग ने उच्चाधिकारियों से वार्ता करने के बाद में नेम एंड शेम योजना के तहत प्राइवेट उपभोक्ताओं के नाम भी सार्वजानिक कर दिए, जिन पर एक लाख रुपये से अधिक का बकाया आ रहा था। ऐसे में विभाग को शहरी क्षेत्र में 869 बकायेदार मिले, साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में 414 बकायेदार मिले। वहीं निजी नलकूप संचालक 593 मिले, जिन पर एक लाख रुपये से अधिक का बकाया आ रहा था।
डीएम, एसएसपी कार्यालयों का हो चुका हैं बकाया जमा
विभाग की मानें तो डीएम और एसएसपी कार्यालयों पर जो बकाया आ रहा था, वह दीपावली से पूर्व में जमा करा दिया गया था। अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि डीएम, एसएसपी कार्यालयों पर केवल मौजूदा माह तक का ही बकाया है।
जिन उपभोक्ताओं द्वारा बिजली का बकाया बिल जमा नहीं किया जा रहा था, उनका नाम नेम एंड शेम योजना के तहत सार्वजनिक किया गया है। अब उनके कनेक्शन काटने की तैैयारी चल रही है।
-राजीव कुमार, अधीक्षण अभियंता