बदायूं। किसानों का दर्द कोई नहीं समझ पा रहा है। यही वजह है कि एक साल से बकाया भुगतान की मांग कर रहे जिले के हजारों किसानों की लिए ये दीपावली फीकी ही रहेगी। वजह ये है कि चीनी मिलों ने उनका भुगतान आज तक नहीं किया। हालांकि अधिकतर चीनी मिलें इस बात के दावे करती रही हैं कि कुछ किसान ही ऐसे बचे हैं जिनका कुछ भुगतान बाकी है, जबकि वास्तविकता ये है कि दि सहकारी चीनी मिल शेखूपुर पर तीन करोड़ 87 लाख और यदु शुगर मिल पर किसानों का 112 करोड़ रुपये बकाया चल रहा है।
जिले में किसान सहकारी चीनी मिल शेखूपुर और यदु शुगर मिल बिसौली हैं। जहां पर जिले के किसान अपना गन्ना देते हैं। जिले के तहसील सदर, बिल्सी, बिसौली और दातागंज क्षेत्र के बहुत से किसान हर साल गन्ने की पैदावार करते हैं, अधिक उपज पाने के लिए वे अच्छी प्रजाति का गन्ना लगाते हैं। पिछले साल इन किसानों ने अपना गन्ना इन दोनों मिलों को दिया था। शासन ने इस बात के आदेश दिए थे हर गन्ना किसान का भुगतान समय से किया जाए। शासन के फरमान के बाद किसानों को ये उम्मीद थी कि उन्हें समय से भुगतान मिल जाएगा, लेकिन जैसे-जैसे समय निकला वैसे-वैसे चीनी मिलों ने गन्ना लेने के बाद उन किसानों को रुलाना शुरू कर दिया। लाख कोशिशों के बाद भी जब मिलों ने उनका भुगतान नहीं किया तो कुछ माह पहले बड़ी संख्या में किसानों ने दातागंज तिराहे से कचहरी तिराहे तक जुलूस निकाला और कलक्ट्रेट के सामने जाम लगाकर प्रदर्शन करते हुए यदु शुगर मिल से बकाया दिलावाने की मांग की। उनके बेहद आक्रामक तेवर को देखकर धबराये प्रशासन ने यदु शुगर मिल को तत्काल ही सभी किसानों के बकाये के भुगतान का आदेश दिया।
तत्कालीन डीएम दिनेश कुमार सिंह ने भी यदु शुगर मिल पर शिकंजा कसा था और मिल के अधिकारियों को इस बात के लिए चेताया था कि अगर उन्होंने दिए गए समय के अंदर किसानों को भुगतान नहीं किया, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तत्कालीन डीएम के तबादले के बाद चीनी मिल भी खामोश हो गई, जैसे उन्हें किसानों के बकाये का भुगतान करना ही न हो। ऐसे में जिन किसानों को भुगतान नहीं मिला है, उन किसानों के इस दिवाली हाथ खाली ही रहेंगे।
भुगतान न होने से दिक्कत
यदु शुगर मिल पर किसानों का पिछले साल का बकाया चल रहा है, जिसको लेकर कई बार अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन अधिकारी हमारी बातों पर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। ऐसे में किसान परेशान हैं। उम्मीद थी कि प्रशासन प्रयास करेगा तो चीनी मिल दीपावली पर कुछ भुगतान कर देगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
-जगराव सिंह पटेल, बावट
किसानों के पास जो रुपये थे, उन रुपयों को पिछली फसल में लगा दिया। इस आस में थे के समय से धनराशि मिल जाएगी तो अपने अन्य खर्च सहित अगली फसल की बुवाई, कटाई आदि कर लेंगे, लेकिन समय से रुपये नहीं मिल पाने की वजह से ये सारे काम कर्ज लेकर करने पड़ रहे हैं।
-यशपाल, दहेमी
यदु शुगर मिल पर 112 करोड़ और शेखूपुर चीनी मिल पर करीब तीन लाख 87 हजार बकाया चल रहा है। ऐसे में चीनी मिलों से लगातार वार्ता की जा रही है कि किसानों के बकाये का भुगतान किया जाए, ताकि उन्हें परेशानी का सामना न करने पड़े।
-रामकिशन, जिला गन्ना अधिकारी