बदायूं। मतदाता सत्यापन, पुनरीक्षण अर्हता कार्य में बीएलओ स्तर से लगातार लापरवाही बरती जा रही थी। इसको लेकर शिकायतें लगातार प्रशासन के पास पहुंची रही थी। शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट ने काम में लापरवाही बरतने वाले 20 बीएलओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची के मतदाताओं का सत्यापन, पुनरीक्षण अर्हता का कार्य एक जनवरी वर्ष 2020 के आधार पर किया जाना है। ऐसे में बीएलओ स्तर से लगातार अभियान चलाकर ये कार्य पांच नवंबर तक पूरा किए जाना है। इसी के तहत शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट केके अवस्थी ने तहसील सदर में देर शाम को बीएलओ द्वारा किए गए कार्य की समीक्षा की गई, तो उन्होंने पाया कि 20 बीएलओ ऐसे थे, जिनका कार्य शून्य की स्थिति में है। जिसमें बाल विकास विभाग में तैनात आंगनबाड़ी मुनव्वर सुल्ताना, ऊषा रानी, कमलेश शर्मा, सुरेखा, अनीता गुप्ता, वीना, आरजू, विमला, संजू, रीता, सरिता श्रीवास्तव, दुर्वेश, पयोज कुमार, कल्लो देवी, बेबी सिंह, शिक्षा विभाग से शिक्षामित्र स्वाति राठौर, महेंद्रपाल सिंह, अनुदेशक निशा सिंह, मनरेगा से रोजगार सेवक योगेंद्र पाल व सिंचाई विभाग के आपरेटर रघुराज सिंह शामिल है। सिटी मजिस्ट्रेट ने इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं।