वजीरगंज (बदायूं)। गांव उरैना में शनिवार सुबह पीली मिट्टी खोदने के दौरान एक बड़ी ढांग गिरने से तीन महिलाएं दब गईं, जिसमें दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक घायल हो गईं।
हादसा शनिवार सुबह करीब नौ बजे का है। सुनीता (30) पत्नी पीतांबर और रीता (30) पत्नी देवीदास अपने रिश्ते की सास ज्ञाना देवी (45) पत्नी जानकी प्रसाद के साथ गांव के बाहर पीली मिट्टी खोदने गईं थीं। तीनों महिलाएं करीब आठ फुट ऊंचे टीले के नीचे बैठकर पीली मिट्टी खोद रहीं थीं। उसी दौरान अचानक ऊपर से ढांग गिर गई, जिसके नीचे सुनीता और ज्ञाना देवी दब गईं, रीता के सिर्फ पैर दबे। इससे वह मिट्टी हटाकर बाहर निकल आई। उसी ने घटना की गांव किनारे मिले लोगों को जानकारी दी। जिस पर ग्रामीण हादसा स्थल की ओर दौड़ पड़े। वहां जब तक दोनों महिलाओं को बाहर निकाला गया उनकी मौत हो चुकी थी। इसी दौरान सूचना पर एसडीएम बिसौली सीपी सरोज, सीओ बिसौली राघवेंद्र सिंह राठौर, एसओ वजीरगंज प्रदीप यादव और राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे। एसडीएम ने दोनों महिलाओं के परिवार वालों को आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
घर चमकाने के चक्कर में अपनों को रुला गईं सुनीता और ज्ञाना
सुनीता और ज्ञाना दिवाली पर घर की साफ-सफाई करने में जुटी थीं। त्योहार नजदीक आने तक वे कोई कमी नहीं छोड़ना चाहतीं थीं। घर में लिपाई-पुताई के लिए दोनों मिट्टी लाने घर से निकलीं थीं और हादसे का शिकार हो गईं।
ज्ञाना देवी के तीन बच्चे हैं। बड़े बेटे संजीव की शादी हो चुकी है। उससे छोटी बेटी ज्योति (19) और सबसे छोटा बेटा धीर कुमार पढ़ाई कर रहा है। सुनीता (30) के चार बच्चे हैं। सबसे बड़ा रूप किशोर (12), राजकुमार (8), राजेश (4) और सबसे छोटा बेटा अर्चित दो साल का है। पति के नाम जमीन नहीं है। मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण होता है। पति पीतांबर पर तो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उसका रो-रोकर बुरा हाल है।
बिल्सी में दबी थीं तीन लड़कियां, किशोरी की हो गई थी मौत
बिल्सी थाना क्षेत्र के ग्राम बांस बरौलिया में नौ अक्तूबर को पीली मिट्टी निकालने के दौरान ढांग गिरने से मोमिना (15) पुत्री अंसार अली, रोशनी (9) पुत्री निसार अली और सायरा (18) पुत्री नौशे ढांग गिरने से दब गईं थीं, जिसमें मोमिना की मौत हो गई थी। बाकी दोनों लड़कियों के चोटें आईं थीं।