बदायूं/कुंवरगांव। सालारपुर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम बादल में इस समय कुछ नल पीला पानी उगल रहे हैं। पानी का रंग ऐसा बताया जा रहा है कि उससे लोगों के बर्तन तक पीले हो गए हैं। उनमें तली पर पीली काई सी जमने लगी है। इस पानी को पीने से कई लोग बीमार पड़ चुके हैं। अब तो ऐसी हालत हो चुकी हैं कि मवेशी तक पानी नहीं पी रहे हैं। इससे गांव में पेयजल का संकट छा गया है। लोगों को पानी लेने के लिए दूर-दूर भटकना पड़ रहा है।
ग्राम बादल में करीब 25 इंडिया मार्का सरकारी हैंडपंप लगे हैं। इनमें गांव के अलग-अलग मोहल्लों के पांच-छह नलों में काफी समय से पीला पानी निकल रहा है। ग्रामवासी पुष्पा देवी के मुताबिक उनके पास पेयजल का कोई साधन नहीं है। घर के बाहर एक सरकारी नल लगा हुआ है, जिससे काफी समय से पीला पानी निकल रहा है। इस पानी से नल के नीचे लगी सीमेंट की सिल तक पीली हो गई है। घर के सारे बर्तन पीले होने लगे हैं। ये पानी पीने से धीरज (28) पुत्र राजेश की तबीयत बिगड़ गई थी। उसके पेट में दर्द होने लगा। उसके अलावा गांव के अन्य लोगों के पेट में भी दर्द हुआ। उन्हें उल्टी दस्त भी हो गए। जब उन्हें डॉक्टर को दिखाया गया तो उन्होंने दूषित पानी पीने से बीमार होना बताया।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में प्रेमपाल, श्रीपाल, अजयपाल आदि के घरों के पास लगे नलों का पानी बिल्कुल दूषित हो चुका है। अब तो पानी से दुर्गंध भी आनी शुरू हो गई है। लोगों ने इन नलों का पानी पीना बंद कर दिया है। दुर्गंध से जानवर भी पानी नहीं पी रहे हैं। इन नलों के पानी से कपड़े पीले होने लगे हैं। ऐसे में लोगों को ट्यूबवेल से पानी लाना पड़ता है या फिर गांव के दूसरे किनारे पर लगे नलों से पानी ले जाना पड़ता है।
ये ग्रामीण हो चुके बीमार
सरकारी नलों का पानी पीने से अंशु (23) पुत्र सत्यपाल सिंह, सुबोध (20) पुत्र सुरेश, रजनेश (25) पुत्र नौबत सिंह, मिक्का (15) पुत्र विष्णु, सीताराम पुत्र पंचम सिंह, रामरहीश पुत्र सरदार सिंह, गजेंद्र पुत्र राजपाल आदि लोगों की हालत बिगड़ चुकी है। इनका प्राइवेट अस्पतालों में इलाज चला था। इसके अलावा कुछ लोग अब भी बीमार हैं।
तालाब का पानी पहुंचने का अनुमान
ग्राम बादल निवासी लालू सिंह और कमल यादव के मुताबिक गांव के बाहर एक तालाब स्थित है। उसमें दूषित पानी भरा हुआ है। कभी तालाब की साफ-सफाई नहीं कराई गई। उसमें गांव का गंदा पानी भी पहुंच रहा है। अनुमान है कि कहीं तालाब का पानी तो नलों में नहीं पहुंच रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक ये भी हो सकता है कि तालाब के स्रोत नलों तक पहुंच रहे हों।
शिकायत के बाद सिर्फ सैंपल, कार्रवाई नहीं
गांव में करीब 25 हैडपंप लगे हैं। कई नलों से पीला पानी आ रहा है। हमने इसकी शिकायत जल निगम से की थी। जिस पर टीम गांव आई और सैंपल लेकर चली गई लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं आई है।
-जितेंद्र यादव उर्फ जीतू, ग्राम प्रधान
पीला पानी पीने से बचें
कहीं-कहीं पानी में फ्लोराइड की मात्रा ज्यादा हो जाती है, जिससे पानी पीला या लाल हो जाता है। कीटनाशक भी जमीन के नीचे जाकर पानी में मिल जाते हैं। इससे दांतों और हड्डियों से संबंधित बीमारियां ज्यादा होती है। लोगों का पेट खराब हो जाता है। इससे किडनी पर भी असर पड़ता है और लंबे समय तक इसका प्रयोग करने से कैंसर भी हो सकता है। लोगों को ऐसा पानी नहीं पीना चाहिए। मजबूरी हो तो पानी उबालकर और फिर छानकर पी सकते हैं।
-डॉ. गवेंद्र कुमार गुप्ता, ईएमओ जिला अस्पताल