उझानी (बदायूं)। अगस्त महीना में पार्किंग शुल्क वसूली पर रोक को लेकर हाईकोर्ट की शरण में गए ठेकेदार को राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने पालिका के फैसले पर स्थगनादेश देकर आगे की सुनवाई होने तक पार्किंग शुल्क वसूली करने का रास्ता भी साफ कर दिया है। शुक्रवार को ठेकेदार ने ईओ से भेंट कर उन्हें स्टे आर्डर की प्रति सौंप दी।
वित्तीय वर्ष-2019-20 के लिए नगर पालिका परिषद से पार्किंग शुल्क वसूली करने का ठेका छतुइया निवासी सत्यवीर सिंह को मिला था। प्रदेश के तत्कालीन नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना और तत्कालीन डीएम दिनेश कुमार सिंह के आदेश के अनुपालन में पालिका ने 24 अगस्त को पार्किंग शुल्क वसूली बंद करा दी थी। उसी दिन ठेकेदार को भी वसूली बंद करने का आदेश थमा दिया गया था। ठेकेदार ने पालिका के इस फैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में शरण ली, साथ ही पालिका के खिलाफ रिट भी दायर कर दी। इसके बाद एक अक्तूबर को हाईकोर्ट ने पालिका के फैसले पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट के आदेश की प्रति लेकर शुक्रवार को पालिका पहुंचे ठेकेदार ने ईओ डॉ. डीके राय को फैसले से अवगत कराया। उन्होंने वसूली की परमिशन देने के लिए एक पत्र भी सौंप दिया है। इधर, ईओ ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश की प्रति मिली है। उसका अवलोकन करके कानूनी राय ली जा रही है। अफसरों को भी बता दिया गया है। आदेश का अनुपालन भी किया जाएगा। बता दें कि जिले में कई स्थानों पर पार्किंग शुल्क को लेकर विवाद के मामले सामने आए थे। सबसे पहले बदायूं में वसूली पर रोक लगाई गई थी।