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...आखिर कैसे एक साथ लापता हुए 14 गोवंश... हो रही है जांच

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बदायूं। कादरचौक इलाके में बनी अस्थाई गोशाला से एक साथ 14 गोवंश लापता होने से अफरातफरी है। प्रधान ने पहले गोशाला का ताला तोड़कर किसी के गोवंश चोरी किए जाने की बात कही थी वहीं मंगलवार को जब एसडीएम जांच के लिए पहुंचे तो कहा गया कि दूसरी गोशाला ले जाते समय गाय रास्ते में लापता हो गईं। मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर डीएम के निर्देश पर एसडीएम इसकी जांच कर रहे हैं। हालांकि अब तक इसमें कोई नतीजा नहीं निकल सका है।
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सोमवार को कादरचौक प्रधान सरला गुप्ता ने थानाध्यक्ष को तहरीर सौंपी। इसमें उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत के अंतर्गत स्थायी गोशाला का रविवार रात ताला तोड़कर अज्ञात लोगों ने उसमें से 17 गोवंश को रस्सी समेत गायब कर दिया है। तलाश करने पर तीन गोवंश मिल गए। बाकी बचे 14 गोवंश टैग लगे नहीं मिल रहे हैं। डीएम के निर्देश पर जब मंगलवार को एसडीएम जांच करने के लिए पहुंचे तो बताया गया कि गोशाला से दूसरी अस्थायी गोशाला में ले जाने समय गाय भटककर कहीं चली गईं। इस दौरान एसडीएम ने चौकीदारों से भी वार्ता की, तो जानकारी मिली है कि गोवंश चोरी नहीं हुए है, बल्कि कहीं भटककर चले गए हैं। ऐसे में बयानों मे विरोधाभास होने पर इसकी जांच गंभीरता से की जा रही है, ताकि गाय कहां गई, वे थी भी या नहीं, इसकी सच्चाई पता लगाई जा सके।

इस मामले को लेकर चौकीदारों के बयान लिए गए हैं। इसमें प्रथम दृष्टया ये प्रतीत होता है कि गोवंश की चोरी नहीं हुई है, बल्कि एक गोशाला से दूसरी अस्थायी गोशाला जाने के बीच में वे लापता हुए हैं। फिलहाल अभी जांच चल रही है। वह पूरी होने के बाद ही आगे कुछ कहा जा सकेगा।
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-पारस नाथ मौर्य, एसडीएम सदर

कछला मामले में शासन को रिपोर्ट सौंपगे अपर निदेशक, पशुपालन
बदायूं। कछला में 22 गोवंश की हुई मौत का मामला शासन तक पहुंच गया है, जिस पर मंगलवार को बरेली से अपर निदेशक पशुपालन डॉ. राजेश मोहन दीक्षित जांच करने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने वहां पर जांच की, साथ ही लोगों के बयान दर्ज किए। सीवीओ डॉ. एके जादौन ने बताया कि इस मामले में बुधवार को कोई भी अधिकारी जांच करने के लिए नहीं आया है। बरेली से आए अपर निदेशक पशुपालन डॉ. राजेश मोहन दीक्षित ने यहां पर जांच की है, वह अब इसकी रिपोर्ट शासन को देंगे। उन्होंने बताया कि सभी पशुशाला संचालकों को निर्देशित किया गया है कि कोई भी कर्मचारी बिना भूसा मिलाए हरा चारा गोवंशीय पशुओं को किसी भी हालत में नहीं खिलाएंगे।
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