बदायूं। अधिकारियों की लापरवाही कहें या फिर कुछ और, जो आज भी जिले के सभी किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। आज भी जिले में कई किसान योजना से वंचित हैं। जिले में करीब सवा पांच लाख किसान है, जिनमें से करीब चार लाख किसानों को अधिकारियों ने पात्र माना है, लेकिन इनमें से सिर्फ पौने दो लाख के लगभग किसानों को अब तक योजना का लाभ मिला है। बाकी किसान कृषि विभाग से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।
किसानों को फसलों की बुवाई के समय रुपये की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है, लेकिन रुपये नहीं होने के अभाव में उनको खेती के लिए कर्ज लेना पड़ता है। वह उस कर्ज के बोझ तले इतना दब जाते हैं कि जब फसल होती है तो कर्ज के लिए रुपये सूद समेत चुकाने के चक्कर में उनकी फसल का कुछ हिस्सा तो उसी में चल जाता है। ये चक्र अगली फसल में भी चलता रहता है, जिसकी वजह से किसानों को अधिक लाभ नहीं हो पाता है। कभी कभार कर्ज के बोझ तले दबे होने के चलते किसान आत्महत्या तक करने पर मजबूर हो जाते हैं। इन सबको ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना को शुरू किया गया। इस योजना के तहत किसानों को एक साल में छह हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
ये हैं आंकड़े-
कुल किसान- 5,35,956
पात्र किसान- 3,98,168
अपात्र किसान- 1,37,788
लाभ मिला- 1,84,392
शेष बचे- 2,13,776
सुनवाई नहीं, लगाने पड़ रहे हैं चक्कर
किसानों के साथ में भेदभाव किया जा रहा है। कोई भी अधिकारी बात सुनने के लिए तैयार नहीं है, जिसकी वजह से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
-तेजपाल सिंह
लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन कोई सुनने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में परेशानी हो रही है। कहीं से कोई राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही है।
-अमर सिंह
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ सभी किसानों को देने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अधिकारी स्तर से इसमें लापरवाही बरती जा रही है, जिस वजह से किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
-मंगली
घोषणा तो सरकार की ओर से की जाती है, लेकिन अधिकारियों द्वारा इस पर सही से काम नहीं किया जाता है, जिस वजह से योजना का लाभ सभी तक नहीं पहुंच पा रहा है।
-जीवाराम
अब तक लगभग दो लाख किसानों का योजना का लाभ दिया जा चुका है। बाकी की प्रक्रिया चल रही है। सभी पात्र किसानों को योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए लगातार फीडिंग का काम चल रहा है।
-विनोद कुमार, जिला कृषि अधिकारी