बदायूं। सरकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार करने के लिए ‘मंगल दल’ का गठन करने में विभाग की सुस्त रफ्तार शासन की महत्वाकांक्षा पर भारी पड़ रही है। करीब छह माह गुजरने के बाद भी अब तक 2076 टीमों के सापेक्ष जिले में 122 मंगल दल ही गठित हो सके हैं। जो विभाग की मुस्तैदी पर सवालिया निशान लगा रही है। हालांकि, अफसरों ने जल्द सभी पंचायतों में मंगल दल गठन करने का दावा किया है।
साल 2019 की शुरुआत में कई बरस बाद शासन ने निष्क्रिय पड़े मंगल दल योजना में जान फूंकने के निर्देश दिए थे। जिला युवा कल्याण विभाग को जिले के प्रत्येक ग्राम पंचायत में दल का गठन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जिले में 1038 ग्राम पंचायतें है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में पुरुष और महिला मंगल दल का गठन होना था। करीब 2076 मंगल दल बनाए जाने थे लेकिन विभाग 122 दल ही बनाकर अपनी पीठ थपथपा रहा है। मंगल दल को सरकारी योजनाओं के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने, बेहतर कार्य करने वाले दल को प्रोत्साहन राशि देने के निर्देश दिए हैं। लेकिन विभाग की लापरवाही, अनदेखी और सुस्त रफ्तार से जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को नहीं मिल पा रही है।
मिलती है प्रोत्साहन राशि
महिला-युवक मंगल दल की ओर से साल भर में ग्रामीण क्षेत्र में किए गए कार्यों को लेकर सरकार प्रोत्साहन राशि देती है। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर दो हजार व ब्लॉक स्तर पर पांच हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है। राज्य स्तर पर सर्वोच्च कार्य करने वाले दल को पांच लाख तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
एक बार फिर युवा मंगल दल का गठन किया जा रहा है। अभी तक 122 दलों का गठन किया जा चुका है, साथ ही शेष के लिए तेजी से प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही इसे पूरा किया जाएगा।
- गोपालराम, जिला युवा कल्याण अधिकारी