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मंडल में बदायूं की यूपी 100 नंबर वन..पर व्यवहार में सुधार की गुंजाइश

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बदायूं। रिस्पांस टाइम के मामले में बदायूं की यूपी 100 भले ही मंडल में नंबर वन रही हो लेकिन कार्यप्रणाली और व्यवहार में गुंजाइश है।
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यहां बता दें इससे पहले भी रिस्पांस टाइम के मामले में बदायूं जिला रेंज के बाकी जिलों को मात देता रहा है। यूपी 100 को कॉल करने पर बदायूं में पीआरवी (पब्लिक रिस्पांस वैन) सिर्फ आठ मिनट 55 सेकेंड में मौके पर पहुंच रही है। रेंज में पीलीभीत की स्थिति सबसे खराब है।
यूपी 100 के रिस्पांस टाइम की शासन स्तर से समय-समय पर मॉनीटरिंग की जाती है। सितंबर माह में हुई मॉनीटरिंग की रिपोर्ट पर गौर करें तो बदायूं की सबसे बेहतर और पीलीभीत की स्थिति सबसे खराब है। कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ कोई भी आपराधिक वारदात होने पर सबसे पहले मौके पर पहुंचने का जिम्मा यूपी 100 पर होता है। यूपी 100 में शामिल पीआरवी इंटरनेट के साथ जीपीएस से भी लैस हैं। सरकार की मंशा है कि कॉल मिलने के बाद यूपी 100 पीआरवी जल्द से जल्द मौके पर पहुंचे।
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हाल ही में हुए रिस्पांस टाइम टेस्ट में बरेली रेंज में बदायूं पहले नंबर पर रहा है। बदायूं में यूपी 100 को कॉल मिलने के बाद मौके पर पीआरवी के पहुंचने का औसत टाइम आठ मिनट 55 सेकेंड है। रेंज के बाकी जिलों की बात करें तो शाहजहांपुर दूसरे, बरेली तीसरे और पीलीभीत चौथे स्थान पर रहा है। रेंज में बदायूं की स्थिति लगातार बेहतर बनी हुई है। इससे पहले भी बदायूं बाजी मारता रहा है। बेहतर स्थिति से अधिकारी काफी खुश हैं।

रेंज के जिलों का रिस्पांस टाइम
बदायूं- 08 मिनट 55 सेकेंड
शाहजहांपुर- 09 मिनट 43 सेकेंड
बरेली- 09 मिनट 50 सेकेंड
पीलीभीत- 15 मिनट 43 सेकेंड

पीआरवी पर उठते रहे हैं सवाल
बदायूं। रिस्पांस टाइम के मामले में भले ही यूपी 100 की बदायूं यूनिट ने रेंज के चार जिलों में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया हो, लेकिन यूपी 100 के पीआरवी स्टाफ पर सवाल भी उठते रहे हैं। सिर्फ गलत व्यवहार की ही नहीं बल्कि अवैध वसूली के आरोप भी कई बार लगे हैं। कई बार तो ऐसे मामले भी सामने आए हैं कि पीआरवी स्टाफ ने दोनों पक्षों को थाने ले जाने के स्थान पर ले-देकर मामले को मौके पर ही रफा-दफा कर दिया। अगर अधिकारियों का फोकस रिस्पांस टाइम के साथ व्यवहार और कार्यप्रणाली में सुधार पर भी हो तो स्थिति और भी बेहतर हो सकती है।

रेस्पांस टाइम में प्रथम आने का आशय पुलिस टीम का अपने लक्ष्य पर सबसे पहले पहुंचकर समस्या का त्वरित समाधान करना होता है। बदायूं पीआरवी का रेस्पांस टाइम प्रथम आया है तो यह पूरे रेंज को गर्व का विषय है। अगर पीआरवी स्टाफ के व्यवहार को लेकर कोई शिकायत है तो संबंधित सीओ या एसपी को सीधे बताया जा सकता है। इस तरह के मामले में तत्काल जांच और कार्रवाई की जाती है।
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- राजेश कुमार पांडेय, डीआईजी बरेली रेंज

रिस्पांस टाइम के मामले में बदायूं की स्थिति रेंज में सबसे बेहतर रही है। यहां यूपी 100 को कॉल मिलने के बाद पीआरवी का मौके पर पहुंचने का औसत समय आठ मिनट 55 सेकेंड रहा है। रिस्पांस टाइम और भी बेहतर हो, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
- शैलेंद्र कुमार आर्य, प्रभारी यूपी 100
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