बदायूं। स्वास्थ्य विभाग में उत्तर प्रदेश हेल्थ सिस्टम स्ट्रेथनिंग प्रोजेक्ट (यूपीएचएसएसपी) के तहत सेवाओं पर रखे गए संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने शुक्रवार से बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी। पहले दिन हड़ताल का कुछ असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी देखा गया। सेवा समाप्ति का नोटिस मिलने के बाद से आउटसोर्सिंग और संविदा कर्मचारी आंदोलित हैं। वे समायोजन की मांग कर रहे हैं।
सरकार ने 2016 में यूपीएचएसएसपी परियोजना के प्रदेश भर के अस्पतालों में संविदा और आउटसोर्सिंग पर कर्मचारियों की तैनाती की थी। इसके पीछे मंशा स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी थी। नेशनल हेल्थ मिशन के तहत संचालित यूपीएचएसएसपी परियोजना की मियाद 31 मार्च 2019 तक रखी गई थी। इसके बाद इन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की जानी थीं। मार्च 2019 में प्रोजेक्ट का समय छह माह के लिए बढ़ा दिया गया था। अब इसका समय 30 सितंबर को पूरा होना है। ऐसे में इस प्रोजेक्ट में रखे गए संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को सेवा समाप्ति का नोटिस दे दिया गया है। इससे कर्मचारी आंदोलित है। शुक्रवार को अपनी मांगों के समर्थन में संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ ने प्रांतीय आह्वान पर बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों की हड़ताल का कुछ असर जिला अस्पताल में स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं पर भी दिखा। हालांकि, बाद में धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो गई। मांगों के समर्थन में धरना प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने सीएमएस डॉ. बीबी पुष्कर को ज्ञापन भी दिया। इस मौके पर गौरव शर्मा, राकेश, महेश, विकास समेत काफी संख्या में संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारी मौजूद रहे। शनिवार को भी कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे।