बदायूं। आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्रों के लिए कार्ड जारी करने में तेजी लाने और समीक्षा को बुलाई गई बैठक में प्रभारी सीएमओ डॉ. मंजीत और जनसेवा केंद्र के जिला समन्वयक आपस में भिड़ गए। दोनों ने एक दूसरे पर अभद्रता करने का आरोप लगाया, जिससे काफी गहमा-गहमी का माहौल बन गया। इस दौरान बैठक में पहुंचे जनसेवा केंद्रों के संचालक मय समन्वयक बैठक से चले गए। प्रभारी सीएमओ ने पूरे मामले में शिकायत प्रभारी डीएम/सीडीओ से की है। यह भी कहा है कि अगर जिला समन्वयक को नहीं हटाया गया तो वह छुट्टी पर जाने को मजबूर होंगे।
आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की व्यवस्था है। इसके लिए पात्रों को विशेष प्रकार के बायोमेट्रिक कार्ड जारी किए जा रहे हैं। जिले में करीब छह लाख लोगों को कार्ड जारी किए जाने हैं। अब तक सिर्फ 66 हजार लोगों को ही कार्ड जारी हो सके हैं। कार्ड बनाने का जिम्मा जनसेवा केंद्रों को दिया गया है। यहां से न सिर्फ कार्ड बनाने में देरी बल्कि कार्ड बनाने के बदले रुपये वसूले जाने की शिकायत भी आ रही थीं। ऐसे में प्रभारी सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह ने जनसेवा केंद्र संचालकों की बैठक बुलाई थी। बैठक मंगलवार शाम सीएमओ ऑफिस के सभागार में चल रही थी। प्रभारी सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह ने जिला समन्वयक शोभित माहेश्वरी से कार्ड जारी होने में देरी और वसूली पर नाराजगी जताई। सुधार न होने की दशा में इसकी शिकायत उच्च स्तर पर करने की चेतावनी दी। आरोप है कि इससे शोभित माहेश्वरी तमतमा गए और उन्होंने सीएमओ से अभद्रता कर दी। उनसे कहा कि जहां भी शिकायत करनी है कर लें, उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकेंगे। इस दौरान दोनों के बीच बहस हो गई। सभागार में मौजूद लोगों ने शांत कराया। इसके बाद समन्वयक और जनसेवा केंद्र संचालक बैठक छोड़कर चले गए। पूरे मामले की सीएमओ ऑफिस में काफी चर्चा रही। सीएमओ ने इसकी शिकायत प्रभारी डीएम/सीडीओ निशा अनंत से करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
प्रति कार्ड 30 से 50 रुपये तक वसूली
आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में करीब छह लाख लोगों के कार्ड बनने हैं। अब तक सिर्फ 66 हजार कार्ड ही बन सके हैं। शिकायत मिल रही हैं कि प्रति कार्ड 30 से 50 रुपये तक वसूल किया जा रहा है। अगर सामान्य तौर पर प्रति कार्ड 30 रुपये ही मान लिया जाए तो ऐसे में छह लाख कार्डों पर वसूली करीब 1.68 करोड़ रुपये बनती है। इस ओर जिले के उच्च अधिकारियों का अब तक ध्यान नहीं गया है। प्रभारी सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह ने वसूली पर नाराजगी जताई तो उनके साथ अभद्रता कर दी गई।
बैठक के दौरान समन्वयक का व्यवहार मेरे प्रति अभद्र रहा। आयुष्मान कार्ड जारी करने का काम काफी धीमी गति से चल रहा है। इसके साथ लाभार्थियों से वसूली की शिकायतें भी मिल रही थीं। काम में तेजी के लिए बैठक बुलाई गई थी। समन्वयक के व्यवहार के संबंध में प्रभारी डीएम/सीडीओ से शिकायत की गई है। अगर उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तो मैं अगला कदम उठाऊंगा।
- डॉ. मंजीत सिंह, प्रभारी सीएमओ
कार्ड बनाने में वसूली जैसी कोई शिकायत नहीं थी। सीएमओ ने बैठक के दौरान मुझसे अभद्रता की, कई बार ‘गेटआउट’ बोला। यहां तक कह दिया कि चलिए भागिये यहां से। बैठक में डीसीपीएम और बीपीएम को पहुंचना था। इनमें से कोई नहीं आया। बैठक इसके लिए थी कि काम में कैसे तेजी आए, इस पर बैठक में कोई चर्चा भी नहीं हुई। करीब 50 लोग बैठक में थे, वे लिखित रूप से दे सकते हैं कि व्यवहार सीएमओ का गलत था। मैने इसकी शिकायत सीडीओ और एडीएम से भी की है।
- शोभित माहेश्वरी, जिला समन्वयक, जनसेवा केंद्र