बदायूं। भारतीय किसान यूनियन की मासिक पंचायत में बिजली के बढ़े हुए मूल्य व प्याज की कालाबाजारी समेत गन्ना भुगतान आदि तमाम समस्याओं को उठाया गया। कहा गया कि किसान पैसे-पैसे को मोहताज हो रहा है और सरकार उस पर बोझ डाले जा रही है।
भाकियू के मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना ने कहा कि देश में किसान भुखमरी के दौर से गुजर रहा है, केवल भाषणों में किसान की आय दोगुनी की जा रही है। प्रदेश सरकार की ओर से बिजली के मूल्य को बेहताशा बढ़ाकर किसानों की कमर तोड़ने का काम किया गया है। इस समय किसान गन्ना भुगतान को लेकर पैसे-पैसे के लिए मोहताज है, लेकिन राज्य सरकार निरंतर भुगतान होने की बात कह रही है। इसको लेकर भाकियू 25 सितंबर को लखनऊ में धरना प्रदर्शन करेगी, जिसमें पूरे प्रदेश भर का किसान एकत्र होगा।
जिलाध्यक्ष धर्मपाल सिंह ने कहा कि जब किसानों के खेतों में प्याज था तो उसके मूल्य दो से तीन रुपये प्रति किलो थे, आज किसान उस प्याज को जब बाजार में खरीदने जा रहा है, तो 50 से 60 प्रति किलो मिल रहा है। बोले- ऐसा कौन सा उपकरण लगा हुआ है जो व्यापारियों के भंडारों में जाकर 25 से 30 गुना महंगा प्याज हो गया है। देश के अंदर किसानों को तबाह करने की नीति को अब किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस मौके पर मंडल उपाध्यक्ष चौधरी सौदान सिंह, सतीश चंद साहू, अजब सिंह, सुरेश चंद गुप्ता, शिवदयाल, राजू शेट्टी, चंद्र मौर्य, बनवारी लाल कश्यप, गंगा शरण आदि मौजूद रहे।