करीब सवा सौ करोड़ खर्च कर बिल्सी विधानसभा के गांव जमरौली से गढ़ी तक सड़क बनाई गई, जिसमें मानकों को ताक पर रख दिया गया। क्षेत्रीय विधायक आरके शर्मा ने इसकी शिकायत मंत्री और डीएम से की। इसके बाद डीएम दिनेश कुमार सिंह ने अपने स्तर से तीन सदस्यीय तकनीकी कमेटी से जांच कराई तो सड़क निर्माण में कई खामियां सामने आईँ। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा है कि सड़क का दोबारा से निर्माण कराया जाए।
त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत 120.76 लाख की धनराशि से संपर्क मार्ग का निर्माण कराया गया था। बिल्सी के विधायक आरके शर्मा से कुछ लोगों ने सड़क में घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग होने की शिकायत की। तब विधायक ने भी अफसरों की टीम के साथ सड़क का जायजा लिया था। प्रथम नजर में ही उन्हें सड़क निर्माण में खामियां दिखाई दीं। इस पर विधायक ने विभागीय मंत्री और डीएम से शिकायत की। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सड़क निर्माण की जांच को तीन सदस्यीय कमेटी गठित की। इसमें अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी निर्माण, वरिष्ठ कोषाधिकारी और डीआरडीए के अधिशासी अभियंता शामिल थे। इस टीम ने मौके पर पहुंचकर सड़क की जांच की, तो उसमें कई कमियां पकड़ में आई। टीम ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा कि इस सड़क का निर्माण दोबारा से कराया जाए। जाहिर है कि रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ठेकेदार को सड़क का निर्माण फिर से कराने के आदेश देंगे। तब ठेकेदार की परेशानी बढ़ना लाजिमी है।
ईई और एई को हटाने को लिखा पत्र
-बिल्सी विधायक आरके शर्मा ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता अबरार अहमद और सहायक अभियंता विनोद कुमार पर कई आरोप लगाते हुए उनका बदायूं से स्थानांतरण करने को विभागीय मंत्री को पत्र लिखा है।
जमरौली-गढ़ी मार्ग की जांच की थी। इसमें कई अनियमितताएं मिली। इसलिए सड़क को रिजेक्ट कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।
-प्रमोद कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी