बदायूं। भविष्य निधि जमा न करने से नाराज क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम के 18 में से 15 कर्मचारियों ने शुक्रवार को सामूहिक इस्तीफा दे दिया। कर्मचारियों ने प्रबंधन पर शोषण और उत्पीड़न का आरोप लगाया है। डीएम को भेजे इस्तीफे में कर्मचारियों ने कहा है कि उनके फंड, वेतन और ग्रेच्युटी का भुगतान कर दिया जाए। प्रबंधन से करोड़ों रुपये का हिसाब भी कर्मचारियों ने मांगा है।
क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम में कुल कर्मचारियों की संख्या 18 है। इसके साथ ही सात प्रबंध समिति में पदाधिकारी और सदस्य हैं। कर्मचारियों के वेतन से वर्ष 2006 से अब तक वेतन से भविष्य निधि तो काटी गई, लेकिन रुपये उनके खातों में जमा नहीं किए गए। इस दौरान प्रबंध समिति ने सवा करोड़ की अचल संपत्ति समेत करोड़ों रुपये इधर से उधर कर दिए। कर्मचारी भविष्य निधि जमा करने और इस पर हाई कोर्ट से ली गई स्टे वापस लेने की मांग को लेकर 16 दिन पहले लालपुल स्थित मुख्य कार्यालय पर बेमियादी धरने पर बैठे थे। प्रबंधन ने बात नहीं सुनी तो 15 वें दिन कर्मचारी छह सड़का स्थित गांधी आश्रम के बाहर धरने पर बैठ गए। यहां से पुलिस उन्हें उठाकर ले गई थी। इसके बाद कर्मचारियों ने प्रबंधन समिति से समझौता वार्ता के लिए भी कहा, लेकिन कोई वार्ता नहीं हुई। शुक्रवार को 16 वें दिन 15 कर्मचारियों ने डीएम को अपना सामूहिक इस्तीफा भेज दिया है।
गांधी आश्रम कर्मचारी संघ के मंत्री राजेंद्र सिंह ने बताया कि इस्तीफा डीएम को भेज दिया गया है। कर्मचारियों ने डीएम से वेतन समेत अन्य मदों की रकम का भुगतान कराने की भी मांग की है। इधर, प्रबंध समिति के प्रबंधक एवं मंत्री जय प्रकाश सिंह का कहना है कि कर्मचारियों की जो मांगे हैं उन पर कार्रवाई की जा रही है। सामूहिक इस्तीफा देने के संबंध में उनको जानकारी नहीं है।