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अधिकारों के प्रति सचेत रहना अच्छी बात, पर कर्तव्य भी निभाएं सजगता से

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अधिकारों के प्रति सचेत रहना अच्छी बात, पर कर्तव्य भी निभाएं सजगता से - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बदायूं। ‘अधिकारों के प्रति सचेत रहना अच्छी बात है, लेकिन हमें अपने कर्तव्यों को निभाने में भी उतनी सजगता बरतनी चाहिए। पुरुष हों या महिलाएं सभी को समानता का अधिकार दिया गया है। उन्हें संवैधानिक अधिकार प्राप्त हैं। आज महिलाएं ग्राम प्रधान हैं, डॉक्टर हैं, सेना में रहकर देश की सेवा कर रहीं हैं, तो वहीं लोकसभा और राज्यसभा में पहुंचकर देश के प्रति महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, लेकिन ये तभी संभव है जब महिलाएं शिक्षित होंगी। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा मिलेगी। वे अपने अधिकार जानेंगे, साथ ही कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक रहेंगे।’
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यह कहना है डीएम कुमार प्रशांत का, जो सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स के तहत राजकीय महिला महाविद्यालय में आयोजित गोष्ठी में छात्राओं को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का विषय था ‘अधिकारों के प्रति रहें जागरूक, कर्तव्य भी निभाएं जिम्मेदारी से’। मुख्य अतिथि डीएम ने न केवल महिलाओं की शिक्षा और उनके अधिकारों पर बल दिया, बल्कि छात्राओं को कई ऐसी बातें बताईं जो उनके विकास में मील का पत्थर साबित हो सकें। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से बहुत सी योजनाएं चल रहीं हैं, लेकिन अगर महिलाएं शिक्षित नहीं होंगी, तो उन्हें योजनाओं के बारे में जानकारी नहीं होगी। उन्हें ये भी पता नहीं चलेगा कि उनके बच्चों को कब और कहां टीका लगना है। कन्याओं की घटती संख्या पर चिंता जताते हुए डीएम ने कहा कि आज हमारे समाज में लड़कियों की संख्या लगातार कम हो रही है। इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है। कन्या शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि यदि लड़कियां और महिलाएं शिक्षित होंगी, तभी वे जान सकेंगी कि उन्हें बच्चों को क्या शिक्षा देनी है। क्योंकि बच्चे की पहली शिक्षक मां होती है। वही अपने बच्चों को संस्कार देती है। हम सबका कर्तव्य है कि महिलाओं को जागरूक करें, उनका हौसला बढ़ाएं। सबसे बड़ी जिम्मेदारी पढ़ी लिखी महिलाओं और छात्राओं की है। वे अपने आसपास की महिलाओं को जागरूक करें। उन्हें प्रत्येक योजनाओं और उनके अधिकारों के बारे में बताएं।
प्राचार्य डॉ. स्मिता जैन ने कहा कि आज प्रत्येक महिला और छात्रा को अपने अधिकार जानने की जरूरत है, लेकिन वे अपने कर्तव्य भी जिम्मेदारी पूर्वक निभाएं, तभी समाज आगे बढ़ेगा। इससे पूर्व प्राचार्य ने डीएम का बुके देकर स्वागत किया। इस दौरान डॉ. अंबाप्रसाद, डॉ. राजधन, डॉ. भगवान सिंह, मनीषा भूषण मौजूद रहे। संचालन डॉ. वंदना मिश्रा ने किया।
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हमारे समाज में अगर कर्तव्य और जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाई जाएं तो शायद कोई लड़की अनपढ़ नहीं रहेेगी। माता-पिता अपने कर्तव्य निभाएं, तो बच्चे अपने कर्तव्य निभाएं। इससे न तो परिवार टूटेगा, साथ ही वे समाज को आगे बढ़ाने का काम करेंगे।
-फरीन परवीन, छात्रा

आज हमारे बदायूं जिले का नाम जो भी सुनता है, तो वह उसे निचले स्तर से देखता है। इसकी वजह जिले की अशिक्षा है। हमारे जिले के लोग पढ़ेंगे, तभी आगे बढ़ेंगे। फिर अपने परिवार और अपने जिले का नाम रोशन करेंगे।
-ललिता, छात्रा

समाज में फैली बुराइयों को खत्म करने की जिम्मेदारी सभी लोगों की है। अगर उसे जाति पाति के हिसाब से देखेंगे तो निश्चित ही समाज पतन की ओर जाएगा। छोटी-छोटी बातों को तूल न बनाएं। लोगों को समझाने की जिम्मेदारी हमारे समाज की है।
-नेहा खानम, छात्रा

आज सरकार बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ अभियान चला रही है। ये अभियान अच्छा है लेकिन उनकी सुरक्षा भी जरूरी है। नहीं तो ऐसे ही दहेज और भ्रूण हत्या जैसे मामले सामने आते रहेंगे। सरकार को उचित कदम उठाना चाहिए।
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-सोनम, छात्रा
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