वजीरगंज। थाना क्षेत्र के गांव नौली हरनाथपुर में एक भाई पेड़ पर फंदे से लटका मिला तो दूसरे की खून से लथपथ लाश मिलने के मामले में पुलिस आत्महत्या की बात कर रही है, जबकि हालात कुछ और बयां कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस की कहानी सवालों के घेरे में है। सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि अगर कुन्नू ने अपने भाई से विवाद के बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या की तो मौके पर तमंचा क्यों नहीं मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी हत्या की ओर ही इशारा कर रही है।
शुक्रवार की रात करीब 10 बजे नौली हरनाथपुर निवासी रिंगा यादव जंगल में फंदे से लटका मिला था। ग्रामीणों ने उसको फंदे से उतारा तब तक उसकी हालत बिगड़ चुकी थी। परिजन उसको आनन-फानन में अस्पताल ले गए, जहां उसका इलाज चल रहा है। उस समय चर्चा थी कि रिंगा ने भाई से विवाद होने पर कोई जहरीला पदार्थ खा लिया था। रिंगा होश में आता इससे पहले ही रात को ही करीब 11 बजे जिस स्थान पर रिंगा पेड़ से लटका मिला था वहां से करीब दो सौ मीटर की दूरी पर खून से लथपथ रिंगा के भाई कुन्नू यादव का शव मिला। उसके सिर से खून बह रहा था।
इसके बाद गांव में गोली मारकर हत्या की बात चलने लगी। रात में ही घटना की जानकारी होते ही एसपी देहात अजय प्रताप सिंह पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे जहां मामले की पड़ताल की। शनिवार को कुन्नू के शव का पोस्टमार्टम कराया गया तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी सभी को चौंका दिया। पोस्टमार्टम से पहले शव का तीन बार एक्सरे कराया गया, जिसमें गोली की पुष्टि ही नहीं हुई।
इधर, इन दोनों मामलों के बाद भी मृतक के परिजन खामोश हैं। इस संबंध में एसपी देहात अजय प्रताप का कहना है कि उन्होंने घटनास्थल का मुआयना किया था, आसपास के लोगों से बात भी की। एक ही बात निकलकर आ रही थी कि दोनों भाइयों के बीच विवाद हुआ जिसमें एक ने फंदे से लटककर आत्महत्या की कोशिश की तो इसकी जानकारी होने पर दूसरे ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
10 महीने पहले ही 18 साल बाद जेल से आया था कुन्नू
कुन्नू 10 महीने पहले ही 18 साल की सजा काटकर जेल से आया था। उसकी गांव में ही रंजिश की शुरुआत 22 साल पहले हुई थी। कुन्नू के बाबा मिहीलाल और गांव के ही महेंद्र पाल की बीच झाड़ियों को लेकर विवाद हुआ था। बताते हैं महेंद्रपाल ने मिहीलाल की लाठियों से पीटकर हत्या कर दी थी। दो साल बाद इसका बदला मिहीलाल के बेटों ने महेंद्र को मारकर लिया था। इस मामले में गांव के राजेंद्र, ब्रजपाल, हरपाल, पप्पू, राजेंद्र के बेटे कुन्नू को सजा हुई थी। दस महीने पहले ही वह सजा काटकर आया था।
परिवार में ही शादी की दावत में हुई थी कहासुनी
- ग्रामीणों ने बताया कि रिंगा और कन्नू के परिवार में ही शादी थी। शनिवार को बरात जानी थी, शुक्रवार को मंडप की दावत के दौरान दोनों के बीच मामूली कहासुनी हो गई थी। इसके बाद वह दोनों जंगल की ओर कब गए इसके बारे में किसी को नहीं पता है।
रिंगा के होश में आने के बाद सामने आएगा सच
फंदे से लटकते मिले कन्नू के भाई रिंगा की हालत ज्यादा खराब है। वह अब तक होश में नहीं आया है। उसके होश में आने का ही सभी को इंतजार है। वजह है कि वह इकलौता ऐसा चश्मदीद है जो उलझी घटना को सुलझा सकता है।
शव से दूर झाड़ियों में मिला तमंचा
पुलिस मौके पर पहुंची तो पुलिस को वहां तमंचा नहीं मिला। पुलिस को वहां से काफी दूर झाड़ियों में तमंचा पड़ा मिला। ऐसे में सवाल उठता है कि कुन्नू ने अगर खुद गोली मारकर आत्महत्या की थी तो उसका तमंचा वहा मिलने के बाद बजाए दूर झाड़ियों में क्यों मिला। हालांकि एसएचओ धनंजय पांडेय का कहना है कि कुन्नू के भांजे ने शव के पास से तमंचा झाड़ियों में फेंक दिया था। पुलिस की इस कहानी पर भी सवाल उठ रहे हैं।
29बीडीएन60-मृतक कुन्नू यादव का फाइल फोटो।