बदायूं। दिनदहाड़े एक महिला और उसकी पुत्री पर जानलेवा हमला और हत्या करने के मामले में जिला सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र दिवाकर ने एक आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 40 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला गया है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गढ़ैया शहवाजपुर निवासी भावना पत्नी राजकमल और उनकी बेटी आकांक्षा पर 12 अगस्त 2014 की दोपहर कोतवाली के मोहल्ला जालंधरी सराय निवासी ज्ञानचंद्र पुत्र बुद्धसेन ने धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया था। चीखपुकार सुन पड़ोसी नवीन कुमार व अन्य बाहर पहुंचते तो दोनों खून से लथपथ सड़क पर जान बचाने को दौड़ रही थीं। नवीन ने अपने चचेरे भाई पीयूष के साथ आरोपी को पकड़ने की कोशिश की तो वह भाग निकला था। दोनों को इलाज को ले जाते वक्त ही भावना की मौत हो गई थी। नवीन ने ही घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी ज्ञानचंद्र को 21 अगस्त 2014 को बरेली रोड स्थित जय हिंद ढाबे के पास से गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया था। विवेचना के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। जिला सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र दिवाकर ने अभियोजन की ओर से प्रभारी डीजीसी अनिल सिंह राठौड़ और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद ज्ञानचंद्र को मुजरिम करार दिया है। ज्ञानचंद को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई, साथ ही उस पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला है।