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Budaun News: चाइनीज मांझा जानलेवा...फिर भी चोरी-छिपे बिक रहा

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घंटाघर के पास एक दुकान पर बनती पतंग। संवाद - फोटो : संवाद
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बदायूं। दीपावली के मौसम में शहर व गांवों में पतंगबाजी का उत्साह बढ़ जाता है, लेकिन इस बीच जिले में चाइनीज मांझे की बिक्री को लेकर बड़ी चिंता पैदा हो गई है। चाइनीज मांझे से पहले भी कई बार लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। बावजूद इसके जिले में इसे रोकने के कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। यह बेरोकटोक बिक रहा है।
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शहर की बात करें तो घंटाघर के आसपास पतंगों की दुकानों के साथ-साथ चोरी-छिपे चाइनीज मांझे की बिक्री भी हो रही है। हालांकि दुकानदार खुलेआम इसकी बिक्री नहीं करते। लोगों के मांगने पर इसे उपलब्ध करवा दिया जाता है। लोगों का कहना है कि इस मांझे से सिर्फ बच्चों को ही नहीं, बल्कि पतंगबाज व राहगीरों के भी घायल होने का खतरा रहता है।
चाइनीज मांझे में इस्तेमाल होने वाली स्टील या ग्लास फाइबर धागे से बेहद खतरनाक होता है। तेज हवा में यह आसानी से उड़ते हुए किसी के हाथ, गर्दन या चेहरे पर लग सकता है। पिछले कुछ सालों में जिले के विभिन्न हिस्सों से ऐसी घटनाओं हो चुकी हैं, जिनमें लोग गंभीर रूप से घायल हुए तो कुछ को अस्पताल में भर्ती भी कराना पड़ा।
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फरवरी में चार चरखी के साथ पकड़ा गया था एक व्यक्ति
शहर के मोहल्ला पनवाड़ी में दुकानदार जावेद के यहां चाइनीज मांझा होने की पुलिस को सूचना मिली थी। जिस पर पुलिस ने छापा मारकर जावेद को पकड़ा था। उसके यहां से चाइनीज मांझे की चार चरखियां मिली थीं, जो वह बेचने के लिए लाया था।

यह हो चुके हैं घायल
ब्लॉक सालारपुर में स्थित नवादा चौकी के पास रहने वाले छम्मन खां अपनी बेटी अर्शी (4) के साथ बाइक से घर जा रहे थे। इसी दौरान चाइनीज मांझे की चपेट में आकर अर्शी का गाल और आंख के पास कट लग गया। उसको एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। काफी लंबे इलाज के बाद वह सही हो सकी थी।

जिले में कहीं भी चाइनीज मांझे की बिक्री नहीं होने दी जाएगी। अगर कहीं पर इसकी चोरी छिपे बिक्री की जा रही है तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -अरूण कुमार, एडीएम प्रशासन
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