तहसील क्षेत्र के गांव पिंडौल में चल रही त्रिदिवसीय बौद्घ कथा का रविवार को बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ समापन हो गया। मैनपुरी से पधारी सुधा शाक्य ने प्रवचन दिए।
उन्होंने कहा कि सर्व समाज के कल्याण के लिए वैज्ञानिक विपश्यना विद्या जरूरी है। इसका अभ्यास कोई भिक्षु करें या गृहस्थ उसे कर्म सिद्धांत के बल पर यह खूब समझ आने लगती है। विपश्यना करने से सभी मानसिक कष्ट दूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि मानव कल्याण के लिए प्रत्येक मनुष्य के लिए विपश्यना सीखना अति आवश्यक है।
रामनिवास शास्त्री ने भगवान बुद्ध के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए कहा कि भगवान ने सर्व समाज कल्याण के लिए पंचशील नियम बताए हैं, जिसके अपनाने से मानव का कल्याण हो सकता है। उन्होंने कहा कि इन नियमों का पालन कठिन है, इसलिए मानव इनसे दूर भागता है। इस मौके पर डा. बीपी मौर्य, चंद्रपाल शाक्य, बलवीर शाक्य, राजेश शाक्य, धर्म सिंह, बृजेश शाक्य, यादराम, धनश्याम शाक्य, राकेश कुमार, जगवीर शाक्य, उदयवीर सिंह, पप्पू मौर्य, गोवर्धन शाक्य आदि मौजूद रहे।