जिला अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़। संवाद
बदायूं। जिला अस्पताल में बच्चों के डॉक्टर न होने की वजह से अभिभावक और तीमारदार परेशान हैं। कई बार बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। इससे अभिभावकों को मजबूरी में निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उनको आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
सोमवार को अटसेना निवासी रामौतार अपने बच्चे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। बताया कि बच्चे को बुखार आ रहा है। अस्पताल में बच्चों के डॉक्टर नहीं मिलने पर फिजिशियन से दवा लेकर चले गए। शहर के कृष्णापुरी निवासी महेश शर्मा ने बताया कि बच्चे को गले में खरास है और हल्का बुखार आ रहा है। पीडियाट्रिशियन न होने से बच्चों का उचित इलाज नहीं मिल पर रहा है। विशेषज्ञ डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण उन्हें मजबूरी में निजी अस्पतालों में इलाज कराना पड़ता है। वहां पर इलाज कराना महंगा पड़ता है।
पूर्व सीएमएस देखेंगे बच्चे
-जिला अस्पताल में तैनात रहे सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह बाल रोग विशेषज्ञ हैं। वह सेवानिवृत्त हो गए हैं। सीएमएस के पद रहते हुए प्रशासनिक कार्यों के चलते वह बच्चों को इलाज नहीं कर पा रहे थे। अब वह जिला अस्पताल में बतौर बाल रोग विशेषज्ञ अपनी सेवाएं देंगे। अब लोगों को बच्चों के इलाज के लिए प्राइवेट डॉक्टरों के यहां पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
वर्जन
- डॉ. कप्तान सिंह बाल रोग विशेषज्ञ है। उनके अनुभव का हम लोगों को लाभ मिलेेगा। अब बच्चों का इलाज जिला अस्पताल में भी हो सकेगा। - डॉ. अमित वार्ष्णेय, सीएमएस