मूसाझाग। गांव उतरना में घर में घुसकर महिलाओं और बच्चों के साथ पुलिस की बर्बरता का मामला अब बाल अधिकार आयोग पहुंच गया है। आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। इस मामले में पहले ही पुलिस कप्तान ने जांच कर संबंधित सिपाही के निलंबन की कार्रवाई की है।
पिछले महीने मूसाझाग गांव निवासी सत्यपाल खेत में कटे गेहूं को घर ले आया। ट्रैक्टर-ट्रॉली बाहर खड़ी था। इसी दौरान मूसाझाग थाने का एक सिपाही और होमगार्ड वहां पहुंचे। ट्रैक्टर-ट्रॉली हटाने को कहा। सत्यपाल ने साइड से जगह होने की बात कही और कहा कि सिर्फ दो बेरियां बची हैं। इसके बाद वह ट्रैक्टर-ट्रॉली हटा लेगा। इस पर खिसियाए सिपाही ने फोर्स बुला ली। सत्यपाल के घर में घुसकर महिलाओं और किशोरियों को पीटा। घटना के बाद परिवार के दो लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। मामले ने तूल पकड़ा तो एसपी सिटी जितेंद्र यादव ने मामले की जांच की।
जांच में सिपाही दोषी पाया गया। उसे निलंबित कर दिया गया। इसके बाद सिपाही के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब इस मामले का संज्ञान बाल अधिकार आयोग ने लिया है। पूरे प्रकरण में जांच रिपोर्ट तलब की है।