दंपती ने पहले खुद ही बच्चे का सिर पतीली से निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। वहीं मासूम भी बिलख रहा था। मोहम्मद अली उसे वेल्डिंग मिस्त्री के पास लेकर गए। उसने पतीली काटने की बात कही। पिता की सहमति पर मिस्त्री ने सावधानी बरतते हुए पतीली काटी। तब जाकर बच्चे का सिर पतीली से निकला और परिजनों की जान में जान आई। पतीली को काटने में मिस्त्री को करीब एक घंटे का समय लग गया। तब तक बच्चे का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जैसे ही बेटे के सिर से पतीली हटी अली मोहम्मद ने उसे गले से लगा लिया और उसकी जान में जान आई।