बदायूं। अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड सहित पांच चिटफंड कंपनियां खोलकर बरेली, बदायूं, पीलीभीत सहित अन्य जिलों में करीब आठ सौ करोड़ की ठगी करने के मामले में पूर्व भाजपा नेता शशिकांत व सूर्यकांत (सगे भाई) के विरुद्ध विवेचना पूरी कर जुलाई में दर्ज केस में आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया गया है। दोनों को सात सितंबर को एसटीएफ नोएडा यूनिट और कोतवाली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में लखनऊ के आलमबाग स्थित एक फ्लैट से गिरफ्तार किया गया था, तब से दोनों जेल में बंद हैं।
अमर ज्योति प्रकरण में पुलिस की कार्रवाई शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत तक सीमित नहीं है, इनके तीसरे भाई श्रीकांत मौर्य, सूर्यकांत की पत्नी अर्चना मौर्य और बेटे विशुकांत की तलाश कर रही है। इनके अलावा कंपनी के एजेंटों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। बरेली और बदायूं समेत अन्य कई स्थानों पर आरोपियों से जुड़ी संपत्तियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड समेत अलग-अलग नामों से संचालित चिटफंड कंपनियों के जरिये लोगों से दोगुनी रकम का लालच देकर निवेश कराया था। निवेशकों को रकम पर बेहतर रिटर्न और तय अवधि में धनराशि बढ़ाकर वापस करने का भरोसा दिया जाता था। बड़ी संख्या में लोगों से रकम जमा कराने के बाद कंपनी बंद कर दी गई और संचालक फरार हो गए।
मामले में बदायूं में दर्ज पांच मामलों के अलावा बरेली में भी चार मामले दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी के दौरान उनके कब्जे से लैपटॉप, डायरी और अन्य उपकरण भी बरामद किए थे। जुलाई माह में दर्ज हुए मामले में चार्जशीट दाखिल की गई है। तीन में पहले हो चुकी है। अभी एक अन्य मामले की विवेचना जारी है।
अमर ज्योति प्रकरण में विवेचक को जल्द विवेचना पूरी कर चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद की कार्रवाई की जा रही है, ताकि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिल सके। -अंकिता शर्मा, एसएसपी